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अखिलेश ने ऐसा खेला खेल कि यूपी में बीजेपी देखती रह गई खेल, ऐसे बदल गया पूरा चुनावी माहौल

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 05 Jun 2024, 12:00 AM | Updated: 05 Jun 2024, 12:00 AM

उत्तर प्रदेश में बीजेपी की डबल इंजन सरकार होने के बावजूद उसे 80 में से 39 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। समाजवादी पार्टी 37 सीटें जीतकर उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में पिछले एक दशक में उत्तर प्रदेश में ये 5वां बड़ा चुनाव था. इसमें से चार में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले लोकसभा चुनाव में सपा को सबसे बड़ी सफलता 2004 में मुलायम के नेतृत्व में 35 सीटें जीतकर मिली थी। अखिलेश ने समीकरणों की नई तस्वीर बनाई है और मुलायम से बड़ी सफलता हासिल की है। अपने इतिहास में पहली बार सपा लोकसभा में सीटों के लिहाज से देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी और विपक्ष में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी है।

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इस लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने एक नई योजना बनाई थी, जो सफल भी रही। दरअसल, सपा प्रमुख ने कई सीटों पर नए युवा चेहरे उतारे थे। इन सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की है। इनमें कौशांबी, मछलीशहर और कैराना शामिल हैं।

कौशांबी

अखिलेश ने यूपी की कौशांबी सीट से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व कैबिनेट मंत्री इंद्रजीत सरोज के बेटे पुष्पेंद्र सरोज को टिकट दिया था। पुष्पेंद्र सरोज ने बीजेपी के विनोद सोनकर को 1 लाख 3 हजार 944 वोटों से हराकर अपने पिता की हार का बदला ले लिया है। 25 साल के पुष्पेंद्र सरोज देश के सबसे युवा सांसद बन गए हैं। उन्होंने राजनीति में कदम रखकर अपने पिता की विरासत संभाली है। पुष्पेंद्र सरोज ने लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी से अकाउंटिंग और मैनेजमेंट में स्नातक किया है।

मछलीशहर

समाजवादी पार्टी ने यूपी की मछलीशहर सीट से पूर्व सांसद और मौजूदा विधायक तूफानी सरोज की बेटी प्रिया सरोज को टिकट दिया है। 25 साल की प्रिया सरोज ने बीजेपी उम्मीदवार भोलानाथ (बीपी सरोज) को 35 हजार 850 वोटों से हराया है। प्रिया ने दिल्ली के एयरफोर्स गोल्डन जुबली इंस्टीट्यूट से पढ़ाई की है और उसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की है। चुनाव प्रचार से पहले प्रिया सरोज सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही थीं। वह यूपी की सबसे युवा नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने राजनीति में कदम रखा है।

कैराना

समाजवादी पार्टी ने कैराना सीट से 29 साल की इकरा चौधरी को टिकट दिया था। इकरा चौधरी 69 हजार वोटों से जीती हैं। उन्हें कुल 5 लाख 80 हजार 13 वोट मिले। इकरा ने लंदन यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया है। कैराना सीट पर हसन परिवार का दबदबा माना जाता है। आपको बता दें कि इकरा, कैराना से लगातार तीसरी बार विधायक बने चौधरी नाहिद हसन की छोटी बहन हैं।

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