NEET controversy: देशभर में NEET-UG पेपर लीक को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी तमिलनाडु वेत्री कड़गम (TVK) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर अपना रुख और सख्त कर दिया है। पार्टी ने साफ कहा है कि वह सिर्फ परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं का विरोध नहीं कर रही, बल्कि NEET को पूरी तरह खत्म किए जाने की पक्षधर है। इसके साथ ही TVK ने मांग की है कि शिक्षा और मेडिकल शिक्षा से जुड़े फैसलों का अधिकार राज्यों को दिया जाए।
पार्टी का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में राज्यों की भूमिका सीमित हो गई है, जबकि मेडिकल शिक्षा जैसे अहम विषयों पर राज्य सरकारों को अधिक अधिकार मिलने चाहिए।
शिक्षा को राज्य सूची में लाने की मांग| NEET controversy
दिल्ली में NEET के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन के बीच जारी अपने बयान में TVK ने कहा कि इस मुद्दे पर उसका रुख पूरी तरह स्पष्ट और समझौताहीन है। पार्टी के मुताबिक, इस समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब शिक्षा को संविधान की समवर्ती सूची (Concurrent List) से हटाकर राज्य सूची (State List) में शामिल किया जाए। TVK का कहना है कि अगर ऐसा करने में कानूनी या संवैधानिक अड़चनें आती हैं, तो तब तक के लिए एक ‘विशेष समवर्ती सूची’ बनाई जानी चाहिए। इससे राज्यों को शिक्षा और मेडिकल शिक्षा से जुड़े मामलों में अधिक अधिकार मिल सकेंगे।
पार्टी ने कहा कि यही उसका स्थायी और अंतरिम दोनों तरह का समाधान है। TVK ने यह भी याद दिलाया कि पार्टी प्रमुख विजय पहले भी कई बार इस मांग को सार्वजनिक रूप से उठा चुके हैं।
DMK पर साधा निशाना
अपने बयान में TVK ने बिना नाम लिए तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी DMK पर भी निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल चुनाव के समय लोगों से ऐसे वादे करते हैं जिन्हें पूरा नहीं किया जाता। TVK ने कहा कि वह वोट हासिल करने के लिए “हम खुद NEET खत्म कर देंगे” जैसे वादे कर लोगों को गुमराह करने वाली राजनीति का हिस्सा कभी नहीं बनेगी।
गौरतलब है कि DMK ने 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता में आने पर NEET को समाप्त कराने का वादा किया था। TVK का इशारा इसी वादे की ओर माना जा रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी पर भी दी नसीहत
TVK ने अपने बयान में उन राजनीतिक दलों और नेताओं को भी आड़े हाथों लिया जो दूसरों के विचारों, संघर्ष और आंदोलनों का श्रेय लेने की कोशिश करते हैं। पार्टी ने कहा कि ऐसी “लेबल लगाने वाली राजनीति” बंद होनी चाहिए और किसी भी आंदोलन को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। माना जा रहा है कि यह बयान विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की हालिया टिप्पणी के बाद आया है। उदयनिधि ने सरकार द्वारा रैप सिंगर थेरुक्कुरल अरिवु के साथ किए गए व्यवहार पर सवाल उठाए थे।
अरिवु ने भी किया था विरोध
रैप सिंगर थेरुक्कुरल अरिवु ने भी हाल ही में चेन्नई स्थित फोर्ट सेंट जॉर्ज परिसर में तमिलनाडु सचिवालय के बाहर NEET के खिलाफ नारे लगाए थे। बाद में पुलिस उन्हें वहां से अपने साथ ले गई। अरिवु लंबे समय से NEET परीक्षा के विरोध में अपनी आवाज उठाते रहे हैं।
TVK ने दोहराया अपना रुख
अपने बयान के अंत में TVK ने फिर दोहराया कि उसकी मांग केवल NEET परीक्षा में सुधार तक सीमित नहीं है। पार्टी चाहती है कि NEET को पूरी तरह समाप्त किया जाए और शिक्षा व मेडिकल शिक्षा पर राज्यों को पूर्ण अधिकार दिए जाएं। NEET को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस और छात्र आंदोलनों के बीच TVK के इस स्पष्ट रुख ने तमिलनाडु की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। पार्टी का कहना है कि इस मुद्दे पर उसका रुख भविष्य में भी नहीं बदलेगा और वह राज्यों के अधिकारों की मांग उठाती रहेगी।





























