Kanpur Police vs ITBP: कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में शनिवार को उस समय हलचल मच गई, जब बड़ी संख्या में आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) के जवान वहां पहुंच गए. अचानक अर्धसैनिक बल के जवानों की मौजूदगी से तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से फैलने लगी कि जवानों ने कमिश्नरेट का घेराव कर दिया है. हालांकि बाद में अधिकारियों ने पूरे मामले की तस्वीर साफ की और बताया कि यह किसी विरोध प्रदर्शन या घेराव का मामला नहीं था.
दरअसल, आईटीबीपी के जवान विकास सिंह अपनी मां के इलाज में कथित लापरवाही से नाराज थे. आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण उनकी मां का हाथ काटना पड़ा. इसी मामले में कार्रवाई और जांच रिपोर्ट को लेकर जवान अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे.
पुलिस कमिश्नर, CMO और ITBP अधिकारियों के बीच हुई बातचीत| Kanpur Police vs ITBP
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईटीबीपी के कानपुर कमांडेंट गौरव प्रसाद खुद पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचे. इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. हरिदत्त नेमी भी बैठक में शामिल हुए. तीनों अधिकारियों के बीच काफी देर तक बातचीत चली और मामले के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई.
सूत्रों के मुताबिक जवान पहले भी इस मामले को लेकर आवेदन दे चुका था. आवेदन में अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया था. चूंकि मामला स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा था, इसलिए शिकायत को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पास भेज दिया गया था. इसके बाद डॉक्टरों की एक कमेटी बनाकर जांच कराई गई थी. हालांकि, जांच रिपोर्ट आने के बाद जवान ने कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई थी. इसी को लेकर वह अपने अधिकारियों के साथ दोबारा बातचीत करने पहुंचा था.
‘घेराव’ की खबरों को पुलिस ने बताया गलत
एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) विपिन ताडा ने साफ कहा कि कमिश्नरेट परिसर के घेराव जैसी बातें पूरी तरह निराधार हैं. उन्होंने बताया कि आईटीबीपी का जवान अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए आया था. उस दौरान कुछ जवान बाहर खड़े थे, जिसे लोगों ने गलत तरीके से पेश कर दिया.
विपिन ताडा ने कहा कि जब जवानों से बात की गई तो उन्होंने अपने साथियों को वापस भेज दिया. उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस कमिश्नर ने मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से दोबारा स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है. अगर जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
ITBP कमांडेंट बोले- पुलिस का पूरा सहयोग मिल रहा
आईटीबीपी के कानपुर कमांडेंट गौरव प्रसाद ने भी पूरे विवाद पर स्थिति साफ की. उन्होंने कहा कि जवान की मां के इलाज और मेडिकल जांच रिपोर्ट को लेकर पुलिस कमिश्नर से पहले से अपॉइंटमेंट लिया गया था. उसी सिलसिले में अधिकारी और जवान वहां पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि वह खुद अंदर बैठक में मौजूद थे, जबकि कुछ जवान बाहर खड़े थे. संभवतः इसी वजह से लोगों ने इसे घेराव समझ लिया. गौरव प्रसाद ने कहा कि पुलिस प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग मिल रहा है और मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है.
कुछ बिंदुओं पर फिर होगी जांच
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि पहले जो जांच रिपोर्ट दी गई थी, वह तथ्यों के आधार पर तैयार की गई थी. लेकिन बैठक के दौरान कुछ नए बिंदु सामने आए हैं, जिनकी दोबारा जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि सभी पक्षों से बातचीत के बाद यह तय हुआ है कि मामले की फिर से समीक्षा की जाएगी. अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी. फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों सतर्क नजर आ रहे हैं.
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