Ghaziabad: कहते हैं बेटा बुढ़ापे की लाठी और कुल का दीपक होता है, जिसके लिए लोग मिन्नतें मांगते हैं और होने पर खुशियां मनाते हैं। लेकिन लोनी के टोली मोहल्ला से सामने आई एक रूह कंपा देने वाली वारदात ने इन तमाम उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ जिस ‘लाठी’ को सहारे के लिए होना था, वही शक के घेरे में है। 65 वर्षीय बुजुर्ग अजीजुद्दीन का शव उन्हीं के बड़े बेटे बिलाल के किराए के घर के बेसमेंट में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पिता का साया उठ चुका है और ‘घर का चिराग’ कहा जाने वाला बेटा फरार है, जिसकी तलाश में अब पुलिस दर-दर की खाक छान रही है।
कैसे खुला राज
यह दिल दहला देने वाला सच तब सामने आया जब बुधवार को Ghaziabad टोली मोहल्ला के एक बंद मकान से असहनीय बदबू आने लगी। पड़ोसियों की सूचना पर जब पुलिस पहुंची और बंद मकान का ताला तोड़ा गया, तो अंदर का मंजर देख सबके होश उड़ गए। बेसमेंट के अंधेरे कोने में एक गला-सड़ा शव पड़ा था। शव की हालत और वहां फैली दुर्गंध चीख-चीख कर गवाही दे रही थी कि मौत कई दिन पहले ही हो चुकी है।
परिजनों ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी
मृतक की पहचान लोनी निवासी अजीजुद्दीन के रूप में हुई है। उनके बेटे आदिल ने पुलिस को बताया कि उनके पिता पिछले चार दिनों से लापता थे। परिजनों ने अपनी तरफ से उनकी काफी तलाश की और अंत में हार मानकर लोनी थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। किसे पता था कि चार दिन बाद उनकी तलाश इस दर्दनाक अंत पर जाकर खत्म होगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी नहीं सुलझी गुत्थी
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है, लेकिन मौत की असली वजह अब भी एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, हालांकि बुजुर्ग की पसलियों पर चोट के निशान पाए गए हैं, जो किसी अनहोनी की ओर इशारा कर रहे हैं। अब पुलिस ने बिसरा (Viscera) सुरक्षित कर लिया है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि अजीजुद्दीन की मौत प्राकृतिक थी या उनके साथ कोई क्रूर वारदात हुई थी।
क्या घर के चिराग ने ही किया ये काम?
जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। Ghaziabad के जिस मकान के बेसमेंट से अजीजुद्दीन का शव बरामद हुआ, वह उनके ही बड़े बेटे बिलाल ने किराए पर ले रखा था। सूत्रों के अनुसार, परिवार में चल रहे आपसी कलह और विवाद की वजह से बिलाल अपने पिता से अलग इस घर में रह रहा था। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पिता अपने बेटे के पास आए थे, तो उनका शव बेसमेंट में लावारिस हालत में क्यों मिला? आखिर ऐसा क्या हुआ कि ‘बेटे का घर’ ही पिता के लिए ‘मौत का तहखाना’ बन गया?
फरार बेटे की तलाश में पुलिस
हत्या की आशंका और शव की बरामदगी के बाद से ही बुजुर्ग का बड़ा बेटा बिलाल रहस्यमयी तरीके से लापता है। उसका मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहा है, जिससे उस पर गहराता शक अब यकीन में बदलता दिख रहा है। पुलिस की कई टीमें बिलाल की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात के समय घर में कौन-कौन मौजूद था और बिलाल आखिरी बार कब देखा गया था।
अनसुलझी पहेली बनी मौत
हैरानी की बात यह है कि इस खौफनाक वारदात के बाद भी परिवार के अन्य सदस्य कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। उनकी चुप्पी ने पुलिस के शक के घेरे को और बड़ा कर दिया है। अब जबकि चश्मदीद खामोश हैं, पुलिस तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) और फॉरेंसिक रिपोर्ट के सहारे इस गुत्थी को सुलझाने की कोशिश कर रही है। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स (CDR) के जरिए पुलिस बिलाल और अजीजुद्दीन के आखिरी पलों का सच तलाश रही है।
क्या बिसरा रिपोर्ट खोलेगी खूनी राज?
फिलहाल लोनी का यह पूरा मामला किसी फिल्मी मिस्ट्री से कम नहीं है। पिता की मौत और बेटे का फरार होना कई अनसुलझे सवाल छोड़ गया है। अब सबकी निगाहें बिसरा (Viscera) रिपोर्ट और पुलिस की फॉरेंसिक जांच पर टिकी हैं। उम्मीद है कि लैब से आने वाली रिपोर्ट और बिलाल की गिरफ्तारी के बाद ही अजीजुद्दीन की संदिग्ध मौत की कड़वी सच्चाई दुनिया के सामने आ सकेगी।






























