Rajpal Yadav Case News: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को आखिरकार कर्ज विवाद से जुड़े मामले में राहत मिल गई है। 12 दिन जेल में बिताने के बाद उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई। यह मामला करीब 9 करोड़ रुपये के पुराने कर्ज से जुड़ा है। कोर्ट के फैसले के बाद अब इस विवाद के दूसरे पक्ष, कारोबारी माधव गोपाल अग्रवाल ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर माधव गोपाल अग्रवाल ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी मुलाकात राजपाल यादव से पूर्व सांसद मिथिलेश कुमार कठेरिया के जरिए हुई थी। उनके मुताबिक, साल 2012 में राजपाल ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए आर्थिक मदद मांगी थी।
अग्रवाल का कहना है कि उस वक्त एक्टर ने बताया था कि फिल्म लगभग पूरी हो चुकी है और अगर तुरंत फंडिंग नहीं मिली तो प्रोजेक्ट डूब सकता है। उन्होंने साफ किया कि यह रकम निवेश नहीं, बल्कि कर्ज के तौर पर दी गई थी। एग्रीमेंट में यह भी स्पष्ट था कि भुगतान फिल्म की कमाई, सेंसर सर्टिफिकेट या रिलीज से जुड़ा नहीं होगा। रकम और समय-सीमा तय थी और राजपाल यादव ने व्यक्तिगत गारंटी भी दी थी।
‘बच्चे की तरह रोया’ (Rajpal Yadav Case News)
अग्रवाल ने भावुक होकर बताया कि उन्होंने दूसरों से उधार लेकर राजपाल की मदद की थी। जब भुगतान में देरी हुई तो वे खुद उनके घर गए और “बच्चे की तरह रोए”। उन्होंने कहा कि कम से कम कोई तारीख तो बता दी जाए या नया समझौता कर लिया जाए, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी।
उनके मुताबिक, जब उन्होंने अतिरिक्त फंड देने से मना किया तो राजपाल यादव की पत्नी राधा की ओर से उन्हें कई भावनात्मक संदेश मिले। इसके बाद वे फिर मदद के लिए तैयार हुए।
फिल्म रिलीज और कानूनी लड़ाई
अग्रवाल ने बताया कि जब फिल्म का म्यूजिक लॉन्च अमिताभ बच्चन द्वारा किया गया, तब उन्हें एग्रीमेंट की शर्तें याद आईं कि फिल्म की नेगेटिव और कमाई से जुड़ी शर्तें पूरी होनी चाहिए। इसी के चलते उन्होंने कोर्ट का रुख किया, जिससे फिल्म की रिलीज पर अस्थायी रोक लग गई थी।
हालांकि बाद में स्टे हट गया और फिल्म रिलीज हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। इसके बाद भी भुगतान नहीं हुआ। 2013 में फिर अदालत का दरवाजा खटखटाया गया और करीब 10.40 करोड़ रुपये का सेटलमेंट तय हुआ।
अग्रवाल का दावा है कि कई चेक दिए गए, लेकिन सभी बाउंस हो गए। बार-बार डिफॉल्ट के बाद उनके पास कानूनी कार्रवाई के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। उन्होंने कहा, “मैं एक बिजनेसमैन हूं। मुझे किसी को बर्बाद करने में दिलचस्पी नहीं है, मुझे सिर्फ अपना पैसा वापस चाहिए।”
जमानत के बाद क्या बोले राजपाल?
दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद राजपाल यादव जेल से बाहर आ गए। उन्होंने अपने प्रशंसकों और उन सेलिब्रिटीज का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया।
यह मामला एक दशक से ज्यादा समय से चल रहा है और अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अदालत की अगली सुनवाई और शर्तों के पालन पर सबकी नजर रहेगी। फिलहाल, अभिनेता को राहत जरूर मिली है, लेकिन कर्ज विवाद की कहानी अभी पूरी तरह थमी नहीं है।




























