Ajit Pawar Plane Crash: 28 जनवरी 2026 का दिन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद दुखद रहा। राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार का निजी विमान बारामती में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में उनके साथ चार अन्य लोग भी मारे गए। अब इस मामले में कई सवाल खड़े हो गए हैं और कुछ लोग इसे सिर्फ हादसा नहीं बल्कि साजिश मान रहे हैं।
और पढ़ें: UP Assembly Session: “यूपी में अब ना कर्फ्यू, ना दंगा…”, सीएम योगी ने विधानसभा में दिया जोरदार भाषण
ब्लैक बॉक्स की रहस्यमय स्थिति (Ajit Pawar Plane Crash)
हादसे के तुरंत बाद विमान का ब्लैक बॉक्स बुरी तरह जलकर नष्ट हो गया। हालांकि, जो हिस्सा ब्लैक बॉक्स के पीछे था, वह दुर्घटना के बाद अलग हो गया और जल नहीं पाया गया। इस तथ्य ने जांचकर्ताओं और पवार परिवार के संदेह को और बढ़ा दिया है।
वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त ‘लीयरजेट 45’ के कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) से डेटा प्राप्त करने के लिए उन्हें विशेष सहायता की आवश्यकता है। इससे स्पष्ट होता है कि ब्लैक बॉक्स से कोई डाटा अभी तक नहीं मिल सका है।
पवार परिवार की सीबीआई जांच की मांग
अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने खुद सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने अपने बड़े बेटे पार्थ पवार और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर इस मांग को पत्र के जरिए रखा।
“ब्लैक बॉक्स भी जल सकता है?? हमने तो कभी नहीं सुना..”
लेकिन महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के विमान का ब्लैक बॉक्स जल गया.. यानि नष्ट हो गया.. इस क्रैश में डिप्टी सीएम अजित पवार समेत पांच लोग की जान चली गई थी..
ब्लैक बॉक्स नष्ट होने की चौंकाने वाली जानकारी एयरक्राफ्ट… pic.twitter.com/l6y5gsSUGV— Vivek K. Tripathi (@meevkt) February 18, 2026
एनसीपी नेता सुनील तटकरे ने बताया कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क करेगी और जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसियों को निर्देश देगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जाने वाली जांच व्यापक होगी और एनसीपी पूरी तरह से सुनेत्रा पवार के साथ है।
संजय राउत और रोहित पवार के संदेह
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने पवार परिवार के संदेह का समर्थन किया और कहा कि ब्लैक बॉक्स का जलना बेहद गंभीर और रहस्यमय मामला है। उन्होंने बताया कि रोहित पवार ने तकनीकी दृष्टिकोण से इस घटना पर सवाल उठाए हैं।
रोहित पवार ने भी दुर्घटना को केवल हादसा नहीं माना और कहा कि अंतिम समय में हुए बदलाव और सुरक्षा काफिले की तैयारियों के बावजूद अजित पवार कार से यात्रा करने के लिए नहीं बैठे, जिससे साजिश की अटकलें बढ़ गईं। उन्होंने दावा किया कि अजित पवार को दुर्घटना से एक दिन पहले मुंबई से पुणे कार से यात्रा करनी थी और उन्हें एक बड़े नेता से महत्वपूर्ण बैठक थी।
हादसे का विवरण
28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे में एनसीपी नेता अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हुई। वे जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के बीच एक जनसभा में भाग लेने के लिए बारामती जा रहे थे। लैंडिंग के दौरान विमान नियंत्रण से बाहर हो गया और रनवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। डीजीसीए के अनुसार, मुंबई से बारामती जा रहे चार्टर्ड विमान में चालक दल समेत कुल पांच लोग मारे गए।
हादसे के बाद उठ रहे सवाल
पवार परिवार और पार्टी नेताओं का कहना है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं हो सकती। रोहित पवार ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “कई लोग अभी भी दादा का कहीं से आने का इंतजार कर रहे हैं। कुछ कहते हैं कि विमान में छह लोग थे और अजित दादा का शव नहीं था। यह सब अब भी किसी बुरे सपने जैसा लगता है।”
सुनेत्रा पवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान सीबीआई जांच की मांग करते हुए लिखा कि राज्य सरकार स्वतंत्र एजेंसियों के माध्यम से जांच कर रही है, लेकिन केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जाने वाली जांच अधिक भरोसेमंद होगी।
ब्लैक बॉक्स और विमानन जांच
एएआईबी ने विमान का ब्लैक बॉक्स जला पाया और इसके डेटा की रिकवरी के लिए विशेष तकनीकी सहायता मांगी है। संजय राउत ने कहा कि कई मामलों में ब्लैक बॉक्स 20 साल बाद भी प्राप्त हो जाता है, लेकिन अजित पवार के विमान का ब्लैक बॉक्स जल गया।
रोहित पवार ने भी तकनीकी और राजनीतिक संदर्भों में सवाल उठाए कि दुर्घटना के एक दिन पहले अंतिम समय में यात्रा की योजना में बदलाव कैसे हुआ। उनके अनुसार, सुरक्षा काफिला तैयार था और अजित पवार के कार से आने का विकल्प था, फिर भी उन्होंने फ्लाइट चुनी।
पवार परिवार और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार ने एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात की और पत्र सौंपा। पार्टी ने पूरी तरह से सुनेत्रा पवार के साथ खड़े होने का दावा किया।
संजय राउत ने मीडिया से कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और पवार परिवार के संदेहों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर रोहित पवार इस मुद्दे को उठा रहे हैं, तो इसकी गहन जांच होनी चाहिए।




























