Ankita Bhandari Case: उत्तराखंड की सरकारी शिक्षिका अंकिता भंडारी हत्याकांड फिर से सुर्खियों में है। रविवार को देहरादून में आयोजित महापंचायत में नागरिकों और संगठनों ने न्याय की मांग को जोर-शोर से उठाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में परिवार से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया था, लेकिन मामले में VIP लोगों की भूमिका को लेकर परिवार और समाज में असंतोष बरकरार है।
क्या था पूरा मामला?
2022 में एक पूर्व बीजेपी नेता के बेटे और उसके दो साथियों ने अंकिता भंडारी की हत्या कर दी थी। तीनों को दोषी ठहराया जा चुका है। इस घटना के बाद उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। कई लोगों ने आरोप लगाया कि इस मामले में VIP लोग शामिल थे, लेकिन शुरुआती जांच में इसे पर्याप्त रूप से नहीं छुआ गया।
Father of Ankita Bhandari is still in roads begging for justice after 4 years. pic.twitter.com/GgjuXTcSG2
— Maj Digvijay Singh Rawat, Kirti Chakra (@Dig_raw21) February 8, 2026
महापंचायत और प्रस्ताव | Ankita Bhandari Case
वहीं अब अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच द्वारा बुलाई गई महापंचायत में लगभग 40 संगठनों और 500 से अधिक लोग शामिल हुए। इस दौरान पांच प्रमुख प्रस्ताव पास किए गए:
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पद से हटाने और जांच के दौरान निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग।
- CBI जांच को केवल डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की FIR तक सीमित न रखने की सिफारिश।
- VIP लोगों की भूमिका की पूरी जांच करने की अपील।
- कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की आवश्यकता।
- राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने की घोषणा।
CBI जांच पर विवाद
महापंचायत में यह भी कहा गया कि FIR पर आधारित CBI जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती। FIR डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की शिकायत पर देहरादून में दर्ज हुई थी। विपक्ष ने इस FIR के समय और स्थान पर सवाल उठाए हैं। FIR उसी दिन दर्ज हुई जब CBI जांच की सिफारिश की गई थी, जबकि अपराध ऋषिकेश में हुआ और ट्रायल कोटद्वार की अदालत में हुआ। कांग्रेस के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि सरकार के समर्थक व्यक्ति की FIR के आधार पर जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती, जिससे VIP लोगों को बचाने का खतरा बनता है।
अंकिता के परिवार की मांग
अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने कहा, “जब मेरी बेटी नहीं झुकी, तो मैं कैसे झुक सकता हूं?” उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की देखरेख में जांच की मांग दोहराई और VIP एंगल पर फोकस करने की अपील की। उनकी मां सोनी देवी ने भी न्याय की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए जाने पर जोर दिया।
राजनीतिक और सामाजिक समर्थन
इंडिया गठबंधन की पार्टियों ने महापंचायत का समर्थन किया। CPI (ML) नेता इंद्रेश मैखुरी ने इसे उत्तराखंड का ‘इंटरनेशनल लेवल की एपस्टीन फाइल’ बताया। महापंचायत ने साफ संदेश दिया कि अंकिता के हत्यारों के पीछे VIP लोग हैं, और उनकी भूमिका की पूरी तरह से जांच होना जरूरी है।
इस महापंचायत से यह स्पष्ट हुआ कि नागरिक समाज और परिवार न्याय की प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाने को तैयार है। न्याय की मांग अब VIP एंगल और CBI जांच के दायरे तक केन्द्रित हो गई है।



























