Dalai Lama in Epstein Files: अमेरिका समेत दुनिया भर में तहलका मचाने वाली एपस्टीन फाइल्स अब तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा तक पहुँच गई हैं। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेज़ों में दलाई लामा का नाम कुल 169 बार सामने आया है। इस खुलासे ने धर्मशाला में सुबह की शांति को भंग कर दिया है और सोशल मीडिया पर भी इस बात को लेकर जमकर बहस शुरू हो गई है।
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दलाई लामा ने पेश की सफाई (Dalai Lama in Epstein Files)
नाम सामने आने के तुरंत बाद दलाई लामा ने प्रेस स्टेटमेंट जारी किया। इसमें उन्होंने साफ कहा, “हाल के मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट दलाई लामा को जेफरी एपस्टीन से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। हिज होलिनेस ने कभी एपस्टीन से मुलाकात नहीं की है और न ही किसी को अपनी ओर से उनसे मिलने की अनुमति दी।”
Press Statement
Some recent media reports and social media posts concerning the “Epstein files” are attempting to link His Holiness the Dalai Lama with Jeffrey Epstein.
We can unequivocally confirm that His Holiness has never met Jeffrey Epstein or authorised any meeting or… pic.twitter.com/QtV6B3Wr0u
— Dalai Lama (@DalaiLama) February 8, 2026
धर्मगुरु के कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी तरह का संपर्क या मीटिंग उनके द्वारा नहीं हुई। प्रेस स्टेटमेंट धर्मशाला के थेकचेन छोलिंग से जारी हुआ और दलाई लामा के आधिकारिक X अकाउंट पर साझा किया गया।
169 बार नाम आने से अफवाहें तेज
अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेज़ों में दलाई लामा का नाम कई बार आया, खासकर 2012 में हुए किसी इवेंट के संदर्भ में। इससे तुरंत अफवाहें तेज हो गईं और सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह के सवाल उठाए।
हालांकि, दलाई लामा के कार्यालय ने तुरंत इन दावों को झूठा और भ्रामक बताया। उनका कहना है कि फाइल्स में कई बार नाम सिर्फ उल्लेख के लिए शामिल होते हैं, इनमें कोई फोटो, वित्तीय लेन-देन या प्रत्यक्ष बैठक का सबूत नहीं होता।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि एपस्टीन फाइल्स में दर्ज नामों का मतलब यह नहीं कि कोई गलत संबंध हुआ। कई हस्तियों के नाम आए हैं, लेकिन उनका दस्तावेज़ों में होना सीधे आरोप नहीं है। दलाई लामा के शिष्य भी कहते हैं कि धर्मगुरु करुणा और शांति के प्रतीक हैं। वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं देते और उनका जीवन सत्य, अहिंसा और साधना पर आधारित है।
सोशल मीडिया पर बवाल
फाइल्स के खुलने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर बहस तेज हो गई। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि 169 बार नाम आने का मतलब क्या है। कुछ लोग इसे सनसनीखेज खुलासे के रूप में देख रहे हैं, जबकि दलाई लामा की टीम ने इसे सिरे से खारिज किया।
धर्मगुरु की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अफवाहें समय के साथ खुद ही असत्य साबित हो जाएंगी। शांति और करुणा का संदेश देने वाले दलाई लामा ऐसे झूठे दावों से विचलित नहीं होते।
बता दें, एपस्टीन फाइल्स के दस्तावेज़ों में दलाई लामा का नाम आने के बाद धर्मशाला और सोशल मीडिया दोनों जगह हलचल मची है। हालांकि दलाई लामा और उनके कार्यालय ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि दस्तावेज़ में नाम का होना सीधे आरोप नहीं है।
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