UAE President India Visit: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान के राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में खलबली मचा दी है। पाकिस्तान के टीवी चैनलों, अखबारों और सोशल मीडिया पर इस दौरे को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। वहां के सुरक्षा विशेषज्ञ और पत्रकार इसे भारत की मजबूत होती कूटनीति और गल्फ देशों के साथ बढ़ती नजदीकी के तौर पर देख रहे हैं, जो पाकिस्तान के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है।
पांचवीं बार भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति (UAE President India Visit)
पाकिस्तान के सुरक्षा विशेषज्ञ कमर चीमा ने इस दौरे को बेहद अहम बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद शेख मोहम्मद बिन जायेद का यह पांचवां भारत दौरा है और बीते दस सालों में यह उनकी लगातार बढ़ती भारत यात्रा का संकेत है। चीमा के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी UAE के युवा नेतृत्व को बार-बार भारत आमंत्रित कर रहे हैं, जो यह दिखाता है कि भारत सिर्फ मौजूदा नेतृत्व नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के साथ भी रिश्ते मजबूत करना चाहता है।
Went to the airport to welcome my brother, His Highness Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan, President of the UAE. His visit illustrates the importance he attaches to a strong India-UAE friendship. Looking forward to our discussions.@MohamedBinZayed pic.twitter.com/Os3FRvVrBc
— Narendra Modi (@narendramodi) January 19, 2026
कमर चीमा ने कहा कि भारत को लगता है कि पाकिस्तान लंबे समय तक UAE और दूसरे मुस्लिम देशों के बेहद करीब रहा है। ऐसे में भारत अब रणनीतिक तौर पर अगली पीढ़ी तक अपनी पहुंच बना रहा है, ताकि रिश्ते सिर्फ आज तक सीमित न रहें।
डिफेंस और आतंकवाद पर सहयोग की चर्चा
पाकिस्तानी विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और UAE दोनों यह संदेश देना चाहते हैं कि उनके बीच मजबूत रक्षा साझेदारी है। कमर चीमा ने कहा कि दोनों देशों के बीच मिलिट्री डायलॉग, आतंकवाद से जुड़े मुद्दों और सुरक्षा सहयोग पर बातचीत हो रही है। यह इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच रक्षा समझौता हुआ है। ऐसे में भारत-UAE की बढ़ती दोस्ती का असर न सिर्फ पाकिस्तान, बल्कि पूरे गल्फ क्षेत्र में देखा जाएगा।
तस्वीरों ने बढ़ाई पाकिस्तान की चुभन
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और UAE राष्ट्रपति की मुलाकातों की तस्वीरें पाकिस्तान में खास तौर पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। कई पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स ने इन तस्वीरों का हवाला देते हुए अपने नेतृत्व पर तंज कसा। एक विशेषज्ञ ने यहां तक कहा कि क्या कभी ऐसा देखा गया है कि किसी अरब नेता ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल या बड़े नेताओं का हाथ पकड़कर सम्मान दिखाया हो? उन्होंने तंज में कहा कि हमारे नेता तो उनका हाथ पकड़ते हैं, लेकिन वहां बराबरी का भाव नजर नहीं आता।
पिछले साल जब UAE राष्ट्रपति भारत आए थे, तब भी पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज के साथ उनकी मुलाकात की तस्वीरों पर पाकिस्तान में काफी टिप्पणियां हुई थीं। अब एक बार फिर वही बहस तेज हो गई है।
पाकिस्तान दौरे और भारत दौरे का फर्क
एक पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने यह भी याद दिलाया कि कुछ समय पहले शेख मोहम्मद बिन जायेद पाकिस्तान आए थे, लेकिन एयरपोर्ट से बाहर निकले बिना ही शिकार के लिए चले गए थे। उस दौरान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे शिकार के समय मुलाकात की थी। एक्सपर्ट का कहना है कि जब UAE राष्ट्रपति भारत जाते हैं, तो वहां सिर्फ औपचारिक दौरा नहीं होता, बल्कि विदेश नीति से जुड़े बड़े फैसले भी लिए जाते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह पाकिस्तान के लिए कोई साफ संदेश है?
डॉलर नहीं, अपनी मुद्रा में लेन-देन की तैयारी
पाकिस्तान के एक रक्षा विशेषज्ञ ने दावा किया कि भारत चाहता है कि UAE के साथ व्यापार अब डॉलर के बजाय अपनी-अपनी मुद्राओं में हो। इसके लिए भारत UPI सिस्टम का विस्तार कर रहा है, जो अब UAE में काम करना शुरू कर चुका है। इसे आर्थिक मोर्चे पर भी भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है।
भारत का साफ रुख
भारत और UAE ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने का फैसला जरूर किया है, लेकिन भारत ने यह भी साफ किया है कि इसका मतलब क्षेत्रीय संघर्षों में शामिल होना नहीं है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि इस क्षेत्र के देशों के साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग का यह अर्थ नहीं है कि भारत किसी खास संघर्ष में कूदेगा। भारत पहले से ही UAE और अन्य देशों के साथ रक्षा सहयोग के कई पहलुओं पर काम कर रहा है।
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