BJP New President Nitin Nabin: भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। बिहार के कद्दावर नेता नितिन नवीन को निर्विरोध बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। खास बात यह है कि 45 साल की उम्र में वह इस पद पर पहुंचने वाले अब तक के सबसे युवा नेता हैं। पार्टी अध्यक्ष चुनाव के लिए वे इकलौते उम्मीदवार थे और उनके समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने नामांकन दाखिल किया था। मंगलवार को औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा कर दी जाएगी। नितिन नवीन, जेपी नड्डा की जगह लेंगे, जो 2020 से लगातार इस पद पर बने हुए थे।
बीजेपी के इतिहास से जुड़ा संयोग (BJP New President Nitin Nabin)
बीजेपी की स्थापना साल 1980 में हुई थी और उसी साल 23 मई को नितिन नवीन का जन्म भी हुआ। ऐसे में उनका पार्टी अध्यक्ष बनना बीजेपी के लिए एक प्रतीकात्मक पल भी माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नेतृत्व को एक ऐसे चेहरे की तलाश थी जो युवा हो, संगठन को जमीन से समझता हो और शीर्ष नेतृत्व के साथ बेहतर तालमेल रखता हो। नितिन नवीन इस कसौटी पर पूरी तरह फिट बैठे।
राजनीति में कैसे हुई एंट्री
नितिन नवीन का राजनीति से नाता विरासत में मिला है। उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा बीजेपी के बड़े नेता और चार बार पटना वेस्ट से विधायक रह चुके थे। साल 2006 में पिता के निधन के बाद नितिन नवीन ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। उसी साल पटना वेस्ट विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की और यहीं से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई।
पांच बार के विधायक, मजबूत जनाधार
नितिन नवीन अब तक पांच बार बिहार विधानसभा के लिए चुने जा चुके हैं। परिसीमन से पहले वह पटना वेस्ट से विधायक थे और बाद में बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार जीत दर्ज की। 2010, 2015, 2020 और 2025 के चुनावों में उन्होंने बांकीपुर से जीत हासिल की।
2025 के विधानसभा चुनाव में उन्हें 98,299 वोट मिले और उन्होंने आरजेडी की रेखा कुमारी को करीब 51 हजार वोटों के बड़े अंतर से हराया। यह जीत उनके मजबूत जनाधार और संगठनात्मक पकड़ को दिखाती है।
सरकार और संगठन दोनों में लंबा अनुभव
नितिन नवीन के पास करीब दो दशक का संगठनात्मक अनुभव है। वह बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार युवा मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके हैं। बिहार सरकार में उन्होंने कानून व न्याय, सड़क परिवहन, शहरी विकास और आवास जैसे अहम मंत्रालय संभाले हैं। सरकार और संगठन, दोनों मोर्चों पर काम करने का अनुभव ही उन्हें पार्टी के लिए एक भरोसेमंद चेहरा बनाता है।
छत्तीसगढ़ और दिल्ली जीत में अहम भूमिका
नितिन नवीन की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर तब और मजबूत हुई जब 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी गई। कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ बीजेपी को वहां स्पष्ट बहुमत दिलाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने जमीनी स्तर पर संवाद, कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क और बूथ मैनेजमेंट पर जोर दिया, जिसका असर नतीजों में दिखा। इसके बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी की करीब तीन दशक बाद हुई सत्ता वापसी में उनका योगदान अहम माना गया।
पार्टी के भीतर कैसी है छवि
पार्टी के अंदर नितिन नवीन को मेहनती, जिज्ञासु और पार्टी-प्रथम सोच वाला नेता माना जाता है। कहा जाता है कि उनसे मिलना आसान है और वे कोऑर्डिनेशन में माहिर हैं। वह सीनियर नेताओं के साथ-साथ जूनियर कार्यकर्ताओं को भी साथ लेकर चलते हैं।
कायस्थ समुदाय से आने के कारण उनकी जातिगत स्थिति भी संतुलित मानी जाती है, जिससे संगठन में किसी तरह का टकराव नहीं होता। सबसे अहम बात यह है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा के नेतृत्व की शैली को अच्छे से समझते हैं और कभी अपनी सीमा नहीं लांघते।
अध्यक्ष चुनाव में क्या रहा खास
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर के. लक्ष्मण ने बताया कि नितिन नवीन इस पद के लिए अकेले उम्मीदवार थे। उनके समर्थन में कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए। प्रस्तावकों में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे। यह समर्थन दिखाता है कि पार्टी नेतृत्व उनके नाम पर पूरी तरह एकमत था।
परिवार और निजी जीवन
नितिन नवीन की पत्नी का नाम दीपमाला श्रीवास्तव है। उनके दो बच्चे हैं एक बेटा और एक बेटी। पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने पटना के एक सीबीएसई स्कूल से 10वीं की पढ़ाई की और फिर दिल्ली आकर 12वीं तक की शिक्षा पूरी की।





























