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Laws will change in 2025: डिजिटल, आर्थिक और सामाजिक कानूनों में 2025 के बदलाव

Shikha Mishra | Nedrick News

Published: 29 Dec 2025, 03:02 PM | Updated: 29 Dec 2025, 03:02 PM

Laws will change in 2025: साल 2025 में कई बदलाव हुए, जिनका असर आम लोगों की जेब पर पड़ा और कानूनों में भी कई नए बदलाव किए गए। wahi साल 2025 भारत के लिए एक टर्निंग पॉइंट था, क्योंकि इसने अपनी “औपनिवेशिक विरासत” को पीछे छोड़कर एक आधुनिक और डिजिटल-फ्रेंडली कानूनी ढांचा अपनाया। इस साल न सिर्फ पुराने कानूनों में सुधार हुआ, बल्कि डेटा और अधिकारों के बारे में नए उदाहरण भी स्थापित हुए। तो, इस आर्टिकल में हम आपको इस साल हुए सभी बदलावों के बारे में बताते हैं।

इनकम टैक्स और बजट सुधार

साल 2025 भारत में कानूनी और रेगुलेटरी सुधारों के लिए एक ऐतिहासिक साल रहा है। इस साल, सरकार ने दशकों पुराने कानूनों को एक आधुनिक और आसान सिस्टम से बदल दिया। इसमें इनकम टैक्स और बजट सुधार शामिल थे, जिसमें 2025 के नए इनकम टैक्स बिल ने 60 साल पुराने कानून की जगह ली और टैक्स फाइलिंग को आसान बनाया।

सरकार ने ‘इनकम टैक्स एक्ट, 1961’ को नए इनकम टैक्स बिल, 2025 से बदल दिया। ‘असेसमेंट ईयर’ शब्द हटा दिया गया है, और अब सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ शब्द का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा, ₹12 लाख तक की सालाना इनकम को टैक्स-फ्री कर दिया गया है (स्टैंडर्ड डिडक्शन सहित, जिससे ₹12.75 लाख तक की राहत मिलती है)।

डिजिटल डेटा और प्राइवेसी – Digital Data and Privacy

आजकल, कई ऐसी कंपनियाँ सामने आई हैं जो आम नागरिकों का डेटा चुराती हैं और उसका इस्तेमाल करके फर्जी पहचान बनाती हैं, जिससे बड़े पैमाने पर कई धोखाधड़ी होती हैं। इसके जवाब में, सरकार ने सख्त नियम लागू किए हैं और ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) नियम 2025’ की घोषणा की है। अब, नागरिकों के डेटा का गलत इस्तेमाल करने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माना लगेगा, और डेटा के लिए सहमति लेना ज़रूरी होगा।

नए लेबर कोड – New Labour Codes

पुराने लेबर कोड के अनुसार, एक कर्मचारी 5 साल की सर्विस के बाद ग्रेच्युटी का हकदार होता था, लेकिन अब 29 पुराने लेबर कानूनों की जगह 4 आसान कोड आ गए हैं। कर्मचारियों को अब सिर्फ़ एक साल की सर्विस के बाद ग्रेच्युटी मिलेगी, और 40 साल से ज़्यादा उम्र के कर्मचारियों के लिए सालाना मुफ़्त हेल्थ चेक-अप ज़रूरी होगा।

बैंकिंग और वित्तीय नियम

RBI के नए नियमों के अनुसार, 1 नवंबर, 2025 से बैंक एक बैंक अकाउंट में पहले के सिर्फ़ एक नॉमिनी के मुकाबले चार नॉमिनी जोड़ने की अनुमति देंगे। इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड फीस स्ट्रक्चर में भी बदलाव किए गए हैं, और SEBI ने म्यूचुअल फंड में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं।

रेलवे और आधार लिंकिंग – Railway and Aadhaar Linking

यात्रियों को अक्सर ट्रेन टिकट बुक करने में दिक्कतें आती थीं, कभी-कभी तो वे टिकट बुक ही नहीं कर पाते थे, जिससे उन्हें दोगुनी कीमत चुकानी पड़ती थी। इसके जवाब में, IRCTC ने धोखाधड़ी रोकने और दलाली पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है: जनरल टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग के पहले 15 मिनट अब सिर्फ़ आधार-वेरिफाइड यूज़र्स के लिए रिज़र्व रहेंगे।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

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