Refueling Mission: महायुद्ध के बीच अमेरिकी विमान क्रैश, लड़ाकू विमानों को ईंधन भरने के मिशन पर था विमान

Shikha Mishra | Nedrick News Iran, America Published: 13 Mar 2026, 11:39 AM | Updated: 13 Mar 2026, 11:42 AM

Refueling Mission: दुनिया भर में महायुद्ध के बादल मंडरा रहे हैं और इसी भीषण तनाव के बीच इराक से एक बड़ी खबर आई है, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, पश्चिमी इराक के आसमान में अमेरिकी वायुसेना का एक Boeing KC-135 Stratotanker विमान क्रैश हो गया है। हादसा उस वक्त हुआ जब यह विशाल रिफ्यूलिंग विमान हवा में लड़ाकू विमानों को ईंधन भरने के मिशन पर था।

हालांकि, अमेरिकी सेना का कहना है कि यह हादसा किसी दुश्मन के हमले (Hostile Fire) की वजह से नहीं हुआ है, वहीं दूसरी ओर ईरान समर्थित गुटों ने इसे मार गिराने का दावा किया है। फिलहाल, पश्चिमी इराक के रेगिस्तानी इलाके में बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि लापता चालक दल का पता लगाया जा सके।

रिफ्यूलिंग मिशन के दौरान हुआ हादसा

मीडिया रिपोर्ट्स और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार बताया जा रहा है कि इस मिशन में दो KC-135 टैंकर विमान शामिल थे, जो लंबी दूरी के लड़ाकू विमानों को हवा में ही ईंधन (Refueling) दे रहे थे। यह मिशन ईरान के खिलाफ जारी ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का हिस्सा था। रिफ्यूलिंग के दौरान ही एक विमान हादसे का शिकार होकर पश्चिमी इराक में गिर गया, जबकि दूसरा विमान सुरक्षित लैंड करने में कामयाब रहा।

दुश्मन के हमले से इनकार

अमेरिकी सेना ने शुरुआती जांच के बाद किसी भी तरह के दुश्मन के हमले या ‘फ्रेंडली फायर’ की आशंका से साफ इनकार किया है। प्राथमिक तौर पर इसे तकनीकी खराबी के कारण हुआ हादसा माना जा रहा है। हालांकि, विमान में सवार क्रू मेंबर्स की सही संख्या और उनकी मौजूदा स्थिति को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

KC-135 विमान क्यों है खास

Boeing KC-135 Stratotanker अमेरिकी वायुसेना की ‘बैकबोन’ माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत हवा में ही दूसरे लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने (Mid-air Refueling) की क्षमता है। इसकी वजह से लड़ाकू विमानों को ईंधन के लिए बार-बार जमीन पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ती और वे लंबी दूरी तक अपने मिशन को अंजाम दे सकते हैं। मिडिल ईस्ट जैसे विशाल और चुनौतीपूर्ण युद्ध क्षेत्र में ये विमान अमेरिकी वायुसेना के लिए किसी ‘लाइफलाइन’ से कम नहीं हैं।

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

गौरतबल है कि 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए हमलों के बाद से पूरे क्षेत्र में युद्ध के हालात बने हुए हैं। इस संघर्ष में अमेरिकी सेना को भी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक इस टकराव में 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है और करीब 150 सैनिक घायल हुए हैं। ऐसे में, इस महत्वपूर्ण रिफ्यूलिंग विमान का क्रैश होना अमेरिकी सेना के लिए न केवल एक बड़ी चुनौती है, बल्कि एक बड़ा सामरिक नुकसान भी है।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

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