US India Tariff Hike: भारत पर टैरिफ की तलवार चलाने वाले ट्रंप, खुद डेयरी-तंबाकू पर चुपचाप वसूल रहे 350% शुल्क

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 01 Aug 2025, 12:00 AM | Updated: 01 Aug 2025, 12:00 AM

US India Tariff Hike: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयात होने वाले सामानों पर 1 अगस्त से 25% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। साथ ही, रूस से तेल और रक्षा उपकरण खरीदने को लेकर भारत पर अलग से जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी है। ट्रंप का कहना है कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाला देश है, लेकिन आंकड़े और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टें इस दावे से मेल नहीं खातीं। आईए आपको विस्तार से बताते हैं।

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WTO की रिपोर्ट से हुआ ट्रंप के दावे का पर्दाफाश- US India Tariff Hike

विश्व व्यापार संगठन (WTO) की रिपोर्ट के अनुसार, असल में अमेरिका कई अहम उत्पादों पर दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ वसूलता है। मसलन, तंबाकू पर 350%, डेयरी पर 200% और अनाज, फल-सब्जियों पर 130% से ज्यादा शुल्क। भारत का औसत टैरिफ दर 17% है, जबकि भारत को अमेरिकी निर्यात पर लगने वाला शुल्क औसतन 5% से भी कम है।

भारत पर लगाए गए “टैरिफ किंग” जैसे टैग महज राजनीतिक बयानबाज़ी लगते हैं। उदाहरण के लिए, भारत व्हिस्की और वाइन पर 150% तक टैरिफ लगाता है और कुछ गाड़ियों पर 125%, लेकिन जापान और कोरिया जैसे देश इससे भी कहीं ज्यादा शुल्क वसूलते हैं। जापान चावल पर 400% और कोरिया कुछ उत्पादों पर 887% तक शुल्क वसूलता है।

अमेरिका-भारत के बीच ट्रेड डेटा में भी उलझन

इतना ही नहीं, दोनों देशों के व्यापार आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिला है। 2024 में अमेरिका ने कहा कि उसने भारत से 87.4 अरब डॉलर का आयात किया, जबकि भारत के अपने आंकड़े केवल 80.7 अरब डॉलर के थे। यानि 6.7 अरब डॉलर का फर्क। 2023 में भी यही अंतर 8 अरब डॉलर तक रहा।

इस असमानता को लेकर भारत के वाणिज्य और राजस्व विभाग कोशिश कर रहे हैं कि इन आंकड़ों को बराबर किया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि भारत के टैरिफ डेटा को ज्यादातर खुद रिपोर्ट किया जाता है जबकि अमेरिका के आंकड़े WTO जैसी संस्थाओं के रिकॉर्ड से लिए जाते हैं, जिससे भ्रम पैदा होता है।

ट्रेड डील की राह में सबसे बड़ा रोड़ा – कृषि आयात

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर भी टकराव जारी है। भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपने किसानों के हित में मक्का, सोयाबीन, डेयरी और बादाम जैसे कृषि उत्पादों के लिए बाज़ार नहीं खोलेगा। यही वजह है कि बातचीत में लगातार रुकावटें आ रही हैं।

ट्रंप का टैरिफ हथियार

डोनाल्ड ट्रंप जिस आक्रामक टैरिफ नीति को अपना हथियार बना रहे हैं, वो न केवल भारत बल्कि कई देशों के लिए चिंता का विषय बन चुकी है। हालांकि, भारत के पास इस वक्त आंकड़ों और तथ्यों की शक्ल में मजबूत जवाब है।

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