Top 5 Gurdwaras in Kerala: केरल के प्रमुख गुरुद्वारे, सांस्कृतिक विविधता में सिख धर्म की उपस्थिति, जानिए यहां के प्रमुख गुरुद्वारों के बारे में

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 20 Feb 2025, 12:00 AM | Updated: 20 Feb 2025, 12:00 AM

Top 5 Gurdwaras in Kerala: केरल, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक सहिष्णुता के लिए जाना जाता है। यह राज्य मुख्य रूप से हिंदू, मुस्लिम और ईसाई समुदायों का घर है, लेकिन यहां सिख समुदाय की भी सीमित उपस्थिति देखी जाती है। हालांकि, सिख समुदाय की संख्या कम होने के बावजूद, केरल में कुछ महत्वपूर्ण गुरुद्वारे स्थित हैं, जो न केवल धार्मिक स्थलों के रूप में कार्य करते हैं, बल्कि सामुदायिक एकता और सेवा के प्रमुख केंद्र भी हैं।

और पढ़ें: Sanat Kaur Chadha: मां के समर्थन से पाई अपनी सच्ची पहचान, कुछ ऐसी रही सनत चड्ढा से सनत कौर बनने की कहानी

यदि आप केरल में हैं और सिख धर्म की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिकता का अनुभव करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित गुरुद्वारे आपकी यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं।

गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, कोच्चि- Top 5 Gurdwaras in Kerala

कोच्चि के वेलिंगटन द्वीप पर स्थित यह गुरुद्वारा केरल में सिख समुदाय का प्रमुख धार्मिक स्थल है। इस गुरुद्वारे की स्थापना 1955 में हुई थी और वर्तमान भवन का उद्घाटन 18 नवंबर 1975 को किया गया।

Top 5 Gurdwaras in Kerala
Source: Google

विशेषताएँ:

हर रविवार सुबह 11:00 बजे और बुधवार शाम 7:00 बजे अरदास (प्रार्थना) होती है।

– ‘गुरु का लंगर’ (सामुदायिक भोजन) सभी धर्मों के लोगों के लिए उपलब्ध होता है।

–  यह गुरुद्वारा सिख समुदाय के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में कार्य करता है।

स्टेशन गुरुद्वारा, तिरुवनंतपुरम

तिरुवनंतपुरम रेलवे स्टेशन के पास स्थित यह गुरुद्वारा केरल के सबसे पुराने गुरुद्वारों में से एक है। यह स्थानीय सिख समुदाय और रेलवे यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है।

Top 5 Gurdwaras in Kerala
Source: Google

हालांकि, इस गुरुद्वारे के बारे में विस्तृत जानकारी सीमित है, लेकिन यह सिख धर्म के अनुयायियों के लिए एक पवित्र स्थल माना जाता है।

गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार, तिरुवनंतपुरम (निर्माणाधीन)

तिरुवनंतपुरम में सिख समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद, एक नया नागरिक गुरुद्वारा बनाया जा रहा है। यह गुरुद्वारा शास्त्री नगर, करमना में स्थित होगा और केरल का दूसरा नागरिक गुरुद्वारा होगा। इसका शिलान्यास 15 फरवरी 2025 को किया गया था। स्थानीय सिख परिवारों और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बनने की उम्मीद है।

गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, एर्नाकुलम

एर्नाकुलम जिले में स्थित यह गुरुद्वारा सिख धर्म के अनुयायियों के लिए एक धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र है। यहाँ नियमित रूप से कीर्तन, अरदास और लंगर का आयोजन होता है। यह स्थान सभी धर्मों और समुदायों के लोगों का स्वागत करता है। सिख धर्म की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के लिए यह एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

DSC गुरुद्वारा, कन्नूर

कन्नूर में स्थित DSC गुरुद्वारा भी सिख धर्म के अनुयायियों के लिए एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इस गुरुद्वारे का उद्देश्य सिख धर्म की शिक्षाओं और सेवा भाव को आगे बढ़ाना है। स्थानीय समुदाय को जोड़ने और सेवा करने का एक महत्वपूर्ण स्थान है।

केरल में सिख गुरुद्वारों का महत्व

ये गुरुद्वारे सिख धर्म के अनुयायियों के लिए पूजा और प्रार्थना स्थलों के रूप में कार्य करते हैं। ये स्थान विभिन्न धर्मों के लोगों को एक साथ लाते हैं और सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देते हैं। हर गुरुद्वारे में ‘गुरु का लंगर’ की परंपरा निभाई जाती है, जहाँ सभी जाति, धर्म और पंथ के लोगों को नि:शुल्क भोजन परोसा जाता है। केरल में सिख समुदाय भले ही छोटा हो, लेकिन ये गुरुद्वारे सिख धर्म के मूल्यों, जैसे सेवा, समानता और भाईचारे का प्रसार करते हैं।

अगर आप केरल की यात्रा पर हैं, तो इन गुरुद्वारों में अवश्य जाएं

केरल में सिख समुदाय की उपस्थिति सीमित है, लेकिन इन गुरुद्वारों का महत्व बहुत बड़ा है। ये स्थान न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देते हैं।

अगर आप केरल की यात्रा पर हैं और सिख धर्म की समृद्ध विरासत और इन पवित्र स्थलों का अनुभव करना चाहते हैं, तो उपरोक्त गुरुद्वारों में अवश्य जाएं। यहाँ आकर आप न केवल सिख धर्म के आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित होंगे, बल्कि केरल की बहुसांस्कृतिक विविधता का भी अनुभव करेंगे।

और पढ़ें: Sikhism in Kenya: केन्या में सिख समुदाय का ऐतिहासिक सफर!  प्रवास से समृद्धि तक, संघर्ष, योगदान और विरासत की एक अनूठी गाथा

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds