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लालू के लाल ने फिर मचाया बवाल! क्या अपनी ही पार्टी से निकाल दिए जाएंगे तेजप्रताप यादव?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 20 Aug 2021, 12:00 AM | Updated: 20 Aug 2021, 12:00 AM

बिहार की सियासत में हालात कुछ ठीक नहीं है। सत्ताधारी गठबंधन के साथ-साथ राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल में भी भगदड़ मची हुई है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा समय में आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव के बेटे एक बार फिर से खबरों में छाए हुए हैं। 

खबरों की मानें तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव के बीच जंग छिड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि पार्टी में तेजप्रताप को कोई भाव नहीं दे रहा, उन्हें कोई पूछ नहीं रहा जिसके कारण वह हताश बताए जा रहे हैं! 

आरजेडी बिहार के अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने हाल ही में तेजप्रताप को लेकर यहां तक कह दिया था कि ‘वो कौन हैं। मैं लालू यादव के प्रति जवाबदेह हूं।‘ उसके बाद तेजप्रताप की ओर से भी जबरदस्त पलटवार किया गया।

‘कौन हैं तेजप्रताप?’

दरअसल, तेजप्रताप यादव के करीबी छात्र राजद के अध्यक्ष आकाश कुमार को पिछले दिनों जगदानंद सिंह ने पद से हटा दिया। जिसके बाद तेजप्रताप ने बिहार आरजेडी के अध्यक्ष पर हिटलरशाही का आरोप लगाया था। उस पर प्रतिक्रिया देते हुए जगदानंद सिंह ने कहा था कि ‘तेजप्रताप यादव कौन हैं, मैं लालू यादव के प्रति जवाबदेह हूं।‘

जगदानंद सिंह ने कहा ‘छात्र आरजेडी अध्यक्ष पद काफी दिनों से खाली पड़ा था जिस पर अब मैंने गगन कुमार को मनोनीत किया है। तेज प्रताप से नाराजगी का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है।’

चापलूसों से नहीं चलेगी पार्टी

बिहार आरजेडी अध्यक्ष के इस बयान पर तेजप्रताप बिफर पड़े। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि ‘ये सब बोलकर वो हमको ब्लैकमेल करेंगे? कल को तो वो ये भी बोलेंगे कि लालू यादव कौन है? तेजस्वी और मीसा भारती कौन है? वो जाएं और मेरे पिता से पूछें कि तेज प्रताप यादव कौन है।‘ 

उन्होंने कहा, जगदानंद सिंह का स्तर गिर गया है, वो मुझ पर भद्दी टिप्पणी कर रहे हैं। लेकिन वे अगर हवा में उड़ेंगे तो हवा हवाई नेता बन जाएंगे, जमीनी नेता नहीं बन पाएंगे। चापलूसों से पार्टी नहीं चलेगी।

बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने स्पष्ट रुप से कहा है कि छात्र विंग लालू यादव ने बनाया है, जगदानंद सिंह ने नहीं। उन्होंने कहा, जगदानंद सिंह ने गलत काम किया है और गलत होगा तो स्टैंड लूंगा, चाहे बगावत करनी पड़ी। हम क्या लालू यादव के बेटे नहीं हैं? हम क्या परिवार से बाहर हैं? उन्होंने जब मुझे नहीं इज्जत दी तो दूसरे को कैसे जलील करते होंगे, ये सोचने वाली बात है।

जगदानंद सिंह फैसले लेने के लिए स्वतंत्र

बताते चले कि तेजप्रताप यादव पहले भी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। उन्होंने अपने बयानों से आरजेडी के दिग्गज नेता रघुवंश प्रसाद सिंह को भी अपमानित किया था। इस बार भी स्थिति कुछ ऐसी ही हैं। ऐसे में खबरों की मानें तो जगदानंद सिंह को पार्टी की ओर से खुली छूट मिली है। 

तेजस्वी यादव ने भी स्पष्ट रुप से कहा है कि ‘पार्टी में कोई भी फैसला लेने के लिए जगदानंद सिंह स्वतंत्र है। पार्टी में कौन रहेगा, कौन नहीं रहेगा…पार्टी में क्या बदलाव होगी और पार्टी का विस्तार कैसे होगा सब पर फैसला लेने के लिए वह स्वतंत्र हैं।‘

जानें क्यों असहज है तेजप्रताप?

खबरों की मानें तो आरजेडी में तेजस्वी यादव के बढ़ते को देख कर तेजप्रताप यादव हताश बताए जा रहे हैं। आरजेडी उन्हें पहले ही सीएम उम्मीदवार घोषित कर चुकी है और अब उन्हें पार्टी की कमान देने की बातें जोर पकड़ने लगी है। आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का कार्यकाल नवंबर में खत्म होने वाला है। 

बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य कारणों की वजह से वह अध्यक्ष पद छोड़ कर पार्टी के संरक्षक की भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में इस बात की चर्चा तेज है कि तेजस्वी यादव को आरजेडी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। 

इन संभावनाओं को लेकर तेज प्रताप असहज हैं और इसी कारण से उन्होंने पिछले कुछ महीनों में पार्टी के अंदर अपनी सक्रियता को भी काफी बढ़ा दिया है। बिहार की राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा भी तेज हो गई है कि अगर तेजप्रताप अपने बयानों पर लगाम नहीं लगाते तो उन्हें पार्टी से निकाला भी जा सकता है। 

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