Surya Midha Net Worth: टेक्नोलॉजी के इस दौर में जहां नॉलेज तक पहुंच पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई है, वहीं युवा उद्यमी नए-नए आइडियाज के साथ दुनिया बदलने में जुटे हैं। इसी कड़ी में भारतीय मूल के अमेरिकी युवा सूर्या मिधा ने महज 22 साल की उम्र में वो कर दिखाया, जो पहले बहुत कम लोग कर पाए हैं। फोर्ब्स की हालिया बिलिनेयर लिस्ट के मुताबिक, सूर्या मिधा दुनिया के सबसे कम उम्र के सेल्फ-मेड अरबपति बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड मार्क जुकरबर्ग के नाम था, जिन्होंने 23 साल की उम्र में यह मुकाम हासिल किया था।
AI स्टार्टअप Mercor से मिली बड़ी सफलता (Surya Midha Net Worth)
सूर्या मिधा ने अपने दो दोस्तों ब्रेंडन फूडी और आदर्श हिरेमथ के साथ मिलकर Mercor नाम का एक AI हायरिंग स्टार्टअप शुरू किया। यह कंपनी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह बदलने का दावा करती है। पिछले साल के अंत में इस स्टार्टअप ने 10 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर 350 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई थी। फोर्ब्स के अनुसार, सूर्या मिधा की कुल संपत्ति करीब 2.2 अरब डॉलर आंकी गई है। कंपनी में ब्रेंडन फूडी CEO, आदर्श हिरेमथ CTO और मिधा बोर्ड चेयरमैन की भूमिका निभा रहे हैं।
क्या है Mercor का मॉडल?
Mercor एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों का इंटरव्यू इंसान नहीं बल्कि AI अवतार लेता है। इसके बाद AI उनके स्किल्स के आधार पर उन्हें उन कंपनियों से जोड़ता है, जो टैलेंट की तलाश में हैं। इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कई बड़ी टेक कंपनियां इंजीनियर और रिसर्चर हायर करने के लिए कर रही हैं। आसान शब्दों में कहें तो Mercor ने पारंपरिक भर्ती प्रक्रिया को डिजिटल और ज्यादा स्मार्ट बना दिया है।
भारत से जुड़ी जड़ें, अमेरिका में परवरिश
सूर्या मिधा का जन्म अमेरिका के माउंटेन व्यू में हुआ और उनका बचपन कैलिफोर्निया के सैन होजे में बीता। उनके माता-पिता मूल रूप से दिल्ली से अमेरिका गए थे। स्कूल के दिनों में ही मिधा ने अपनी अलग पहचान बना ली थी। वह नेशनल डिबेट चैंपियन रहे और उनकी कम्युनिकेशन व एनालिटिकल स्किल्स काफी मजबूत मानी जाती हैं।
कॉलेज से ही शुरू हुआ सफर
मिधा ने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से फॉरेन स्टडीज में पढ़ाई की। वहीं उनके को-फाउंडर आदर्श हिरेमथ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे, जबकि ब्रेंडन फूडी जॉर्जटाउन में इकनॉमिक्स के छात्र थे। तीनों की दोस्ती डिबेट प्रतियोगिताओं के दौरान हुई और उन्होंने साथ मिलकर कई नेशनल टूर्नामेंट भी जीते। यही टीमवर्क आगे चलकर एक सफल स्टार्टअप की नींव बना।
युवाओं के लिए नई प्रेरणा
सूर्या मिधा की सफलता इस बात का उदाहरण है कि आज के दौर में सही आइडिया और टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल आपको कम उम्र में भी बड़ी ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। जहां एक तरफ AI को लेकर दुनिया में बहस चल रही है, वहीं दूसरी तरफ मिधा जैसे युवा इसे अवसर में बदलकर नई संभावनाएं पैदा कर रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि दुनिया भर के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर सामने आई है।
