Trending

Supreme Court Tenant Verdict: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, मकान मालिक तय करेगा कौन सा परिसर खाली करवाना है

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 27 Feb 2025, 12:00 AM | Updated: 27 Feb 2025, 12:00 AM

Supreme Court Tenant Verdict: देशभर में लोग अपनी संपत्ति को किराए पर देते हैं, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त होती है। हालांकि, कई बार किराएदार परिसर खाली करने से इनकार कर देते हैं, जिससे मकान मालिकों को कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है, जो मकान मालिकों और किराएदारों दोनों के लिए जानना आवश्यक है।

और पढ़ें: Kolkata Vishwakarma Puja holiday controversy: कोलकाता नगर निगम का छुट्टी आदेश विवाद, विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी रद्द कर बढ़ाई गई ईद की छुट्टी

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- Supreme Court Tenant Verdict

सुप्रीम कोर्ट ने अपने हालिया फैसले में स्पष्ट किया कि मकान मालिक ही यह तय करेगा कि अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए उसे कौन सा किराए का परिसर खाली करवाना है। किराएदार इस आधार पर परिसर खाली करने से इनकार नहीं कर सकता कि मकान मालिक के पास अन्य संपत्तियां हैं और वह उनसे अपनी आवश्यकता पूरी कर सकता है।

Supreme Court Tenant Verdict
Source: Google

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने कहा, “मकान मालिक की वास्तविक जरूरत के आधार पर किराएदार को परिसर से निकालने का कानून अच्छी तरह से स्थापित है। खाली करवाने की इच्छा मात्र पर्याप्त नहीं है, बल्कि जरूरत वास्तविक होनी चाहिए। मकान मालिक ही यह निर्णय लेने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति है कि उसकी विशेष जरूरत को पूरा करने के लिए उसकी संपत्ति में से कौन सी संपत्ति खाली करवाई जाए। किराएदार को इस निर्णय में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।”

मामले की पृष्ठभूमि

सुप्रीम कोर्ट में एक मकान मालिक ने याचिका दायर की थी, जिसमें उसने बताया कि उसके दो बेरोजगार बेटों के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने की जरूरत है। इस वजह से उसे किराएदार से संपत्ति खाली करवानी थी। हालांकि, निचली अदालत और फिर हाई कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था।

किराएदार की दलील और सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुनवाई के दौरान किराएदार ने तर्क दिया कि मकान मालिक के पास अन्य संपत्तियां भी हैं और वह किसी अन्य संपत्ति का उपयोग कर सकता है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि जब मकान मालिक की जरूरत वास्तविक है, तो किराएदार उसे किसी अन्य संपत्ति को खाली करवाने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।

Supreme Court Tenant Verdict
Source: Google

न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा, “यदि मकान मालिक ने अपनी संपत्ति को किसी विशेष उद्देश्य के लिए उपयोग करने का फैसला किया है, तो उसे अन्य किरायेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।”

संपत्ति का स्थान महत्वपूर्ण

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना कि याचिका में उल्लिखित संपत्ति अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने के लिए सबसे उपयुक्त थी, क्योंकि यह एक मेडिकल क्लिनिक और पैथोलॉजिकल सेंटर के पास स्थित थी। ऐसे में, मकान मालिक की जरूरत को देखते हुए परिसर को खाली करवाने का निर्णय सही ठहराया गया।

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला मकान मालिकों के अधिकारों को स्पष्ट रूप से मजबूत करता है। अब किराएदार यह तर्क देकर परिसर खाली करने से इनकार नहीं कर सकते कि मकान मालिक के पास अन्य संपत्तियां हैं। यह निर्णय उन मकान मालिकों के लिए राहत लेकर आया है जो अपनी संपत्तियों को लेकर कानूनी विवादों में उलझे रहते हैं।

इस फैसले से स्पष्ट है कि संपत्ति के स्वामी को यह निर्णय लेने का पूरा अधिकार है कि वह अपनी जरूरतों के अनुरूप कौन सा परिसर खाली करवाना चाहता है और इस फैसले में किराएदार का कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।

और पढ़ें: IAS Pari Bishnoi News: IAS परी बिश्नोई बनीं मां, बिश्नोई परिवार में जश्न का माहौल, 3 राज्यों से मिल रही हैं बधाइयां

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds