Stock Market Crash: वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण भारतीय शेयर बाजार की तीन दिनों की तेजी पर ब्रेक लग गया है, जिससे निवेशकों को चंद सेकंडों में 4 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट के साथ बाजार लाल निशान में खुला है। मंगलवार की सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों को तगड़ा झटका लगा और कुछ ही सेकंड में करीब 4 लाख करोड़ रुपये डूब गए। हफ्ते की शुरुआती तेजी के बाद सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1% गिरकर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
बाजार खुलते ही (Stock Market Crash) सेंसेक्स करीब 800 अंक तक टूटकर 73,282 के निचले स्तर पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी भी लगभग 1% गिरकर 22,719 के स्तर तक आ गया। गिरावट का यह दौर सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी 0.7% से 1% तक की कमजोरी देखी गई। इस तेज बिकवाली का असर इतना गहरा था कि कुछ ही सेकंड में बीएसई (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 4.24 लाख करोड़ रुपये घट गया, जिससे निवेशकों को भारी चपत लगी।
किन शेयरों में ज्यादा गिरावट रही?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज के भारी बिकवाली के दौर में भी कुछ शेयर (Stock Market) हरे निशान में टिके रहे, लेकिन उनकी बढ़त बेहद मामूली रही। नीचे देखें किन शेयरों ने निवेशकों को सबसे ज्यादा निराश किया और किन्होंने बाजार को सहारा दिया:
- Zomato (Eternal): जैसा कि ज्ञात है, Zomato की पेरेंट कंपनी का नाम अब Eternal Limited है। आज इसके शेयरों में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जो टेक शेयरों पर दबाव को दर्शाता है।
- टॉप लूजर्स (Top Losers): कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों का सीधा असर IndiGo (InterGlobe Aviation) और Asian Paints जैसे “क्रूड-सेंसिटिव” शेयरों पर पड़ा, जो आज के सबसे बड़े लूजर्स में शामिल रहे। इनके अलावा ऑटो और बैंकिंग सेक्टर से Mahindra & Mahindra (M&M), SBI, और Axis Bank भी बिकवाली के दबाव में रहे।
- बढ़त वाले शेयर (Gainers): बाजार की इस गिरावट के बीच IT सेक्टर ने कुछ हद तक ‘सेफ हेवन’ (safe haven) के रूप में काम किया। HCL Tech, Tech Mahindra और Bajaj Finance जैसे शेयर मामूली बढ़त या स्थिरता के साथ हरे निशान में कारोबार करते दिखे।
- मेटल शेयरों में मजबूती: भू-राजनीतिक तनाव के बीच Hindalco और Tata Steel जैसे मेटल शेयरों में खरीदारी देखी गई, क्योंकि वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका से धातुओं की कीमतें बढ़ने की उम्मीद है।
सेक्टर का हाल क्या रहा?
अगर सेक्टर की बात करें तो आज बाजार में सबसे ज्यादा मार ऑटो सेक्टर पर पड़ी है। वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण Nifty Auto इंडेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 2% तक टूट गया। इसके साथ ही, सरकारी बैंकों में भी भारी बिकवाली देखी गई और Nifty PSU Bank इंडेक्स में लगभग 1.45% से 1.9% तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि इस चौतरफा दबाव के बीच मेटल सेक्टर थोड़ा संभला रहा और इसमें करीब 0.6% से 0.7% की हल्की बढ़त देखने को मिली, क्योंकि युद्ध जैसी स्थितियों में अक्सर धातुओं की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है। आईटी (IT) सेक्टर ने भी निचले स्तरों पर बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की है।
आखिर बाजार गिरा क्यों?
चलिए जान लेते है कि आखिर Stock Market Crash क्यों हो रहा है:
- वैश्विक तनाव (Geopolitical Tension): ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष और अमेरिका की सख्त चेतावनियों ने वैश्विक बाजारों में डर पैदा कर दिया है। जब भी युद्ध जैसी स्थिति बनती है, निवेशक जोखिम भरे शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित जगहों (जैसे सोना) में लगाने लगते हैं।
- कच्चे तेल में लगी आग: ब्रेंट क्रूड की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल आयात करता है। महंगा तेल मतलब बढ़ती महंगाई और कंपनियों के मुनाफे में कमी, जिससे शेयर बाजार पर सीधा दबाव पड़ता है।
- अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल: अमेरिका में 10 साल के सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न (Yield) बढ़ गया है। जब बॉन्ड से सुरक्षित और अच्छा रिटर्न मिलता है, तो विदेशी निवेशक भारतीय बाजार जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर वहां शिफ्ट करने लगते हैं।
- विदेशी निवेशकों (FIIs) की भारी बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार में बिकवाल बने हुए हैं। पिछले 24 सत्रों से जारी बिकवाली और एक ही दिन में 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी ने बाजार की कमर तोड़ दी है।
- मुनाफावसूली (Profit Booking): पिछले तीन दिनों में बाजार में करीब 3% की अच्छी तेजी देखी गई थी। ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली करना बेहतर समझा, जिससे बिकवाली का दबाव और बढ़ गया।
आज की गिरावट किसी एक वजह से नहीं आई, बल्कि कई कारण एक साथ काम कर रहे थे दुनिया में तनाव, महंगा तेल, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और मुनाफावसूली। अगर आप नए निवेशक हैं, तो ऐसे उतार-चढ़ाव से घबराने की जरूरत नहीं है, शेयर बाजार में यह सब सामान्य है। लंबे समय के लिए निवेश, सही रणनीति और धैर्य ही बाजार में असली फायदा दिलाता है।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार (Stock Market Crash) में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।





























