Sikhism in New Zealand: न्यूजीलैंड में सिख समुदाय! तेजी से बढ़ती धार्मिक आबादी का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सफर

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 24 Jan 2025, 12:00 AM | Updated: 24 Jan 2025, 12:00 AM

Sikhism in New Zealand: न्यूजीलैंड में सिख समुदाय देश की सबसे तेजी से बढ़ती धार्मिक आबादी के रूप में उभरकर सामने आया है। हाल ही में जारी 2023 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, न्यूजीलैंड में सिखों की संख्या 53,406 है, जो देश की कुल जनसंख्या 49,93,923 का 1% है। पिछले एक दशक में, यह संख्या करीब तीन गुना बढ़ी है। हालांकि, 2018 के बाद से सिख आबादी की वृद्धि दर में गिरावट देखी गई है।

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तेजी से बढ़ी सिख आबादी- Sikhism in New Zealand

Times of India की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिख धर्म को मानने वालों की संख्या 2013 में 19,191 थी, जो 2018 में 40,908 हो गई। यह वृद्धि दर 113% रही। हालांकि, 2018 से 2023 के बीच यह वृद्धि 31% रही। इसके पीछे 2017 में लागू हुए छात्र वीज़ा और कम कुशल श्रमिकों पर पाबंदी जैसे कारण बताए जाते हैं। इसके बावजूद, सिख धर्म न्यूजीलैंड में सबसे तेजी से बढ़ता धर्म बना हुआ है।

Sikhism in New Zealand gurudvara New Zealand
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अन्य धार्मिक समूहों की स्थिति

जनगणना के अनुसार, न्यूजीलैंड में हिंदुओं की संख्या 1,42,008 हो गई है, जो 2013 में 89,085 और 2018 में 1,21,644 थी। हालांकि, इनमें से कई हिंदू भारतीय मूल के नहीं हैं, क्योंकि वे फिजी से आए प्रवासी हैं।
वहीं, न्यूजीलैंड की ईसाई आबादी में गिरावट दर्ज की गई है। ईसाई संप्रदायों जैसे एंग्लिकन, कैथोलिक और मेथोडिस्ट में कमी देखी गई है। इसके अलावा, 50% से अधिक न्यूजीलैंडर अब खुद को “नो रिलिजन” (धर्महीन) घोषित करते हैं।

सिख समुदाय का इतिहास और योगदान

न्यूजीलैंड में सिखों की पहली पहचान 1890 के दशक में हुई, जब पंजाब के फुमन सिंह और बीर सिंह गिल नामक दो भाई यहां पहुंचे। शुरुआती सिख प्रवासियों ने वाइकाटो, ऑकलैंड, वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च जैसे क्षेत्रों में अपनी जड़ें जमाईं। ये मुख्य रूप से डेयरी फार्मिंग और खेती में सक्रिय थे और माओरी संस्कृति को भी अपनाया।

1980 के दशक में न्यूजीलैंड की इमिग्रेशन नीति में बदलाव हुआ, जिसमें नस्लीय भेदभाव को समाप्त कर एक पॉइंट-बेस्ड प्रणाली लागू की गई। इसके बाद सिख समुदाय का बड़े पैमाने पर प्रवास शुरू हुआ। 1991 तक न्यूजीलैंड में सिखों की संख्या 2,061 थी।

सिख गुरुद्वारे और सांस्कृतिक धरोहर

न्यूजीलैंड में पहला सिख गुरुद्वारा 1977 में ते रापा (हैमिल्टन) में बना। इसके बाद 1986 में दूसरा गुरुद्वारा ओटाहुहु में स्थापित हुआ। आज, न्यूजीलैंड में सिख गुरुद्वारों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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2022 में न्यूजीलैंड सेंट्रल सिख एसोसिएशन की स्थापना हुई, जो 25 गुरुद्वारों और विभिन्न संगठनों का प्रतिनिधित्व करती है। ऑकलैंड का पापाटोएतोए इलाका सिख समुदाय का केंद्र माना जाता है, जहां तीन गुरुद्वारे स्थित हैं।

आर्थिक और सामाजिक योगदान

सिख समुदाय ने न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेष रूप से डेयरी फार्मिंग और अन्य कृषि कार्यों में, सिख प्रवासियों ने कठिन मेहनत से अपनी पहचान बनाई। उनके प्रयासों ने न केवल उनके समुदाय को सशक्त बनाया, बल्कि उन्हें स्थानीय माओरी और अन्य समुदायों के बीच भी सम्मान दिलाया।

चुनौतियां और भविष्य की संभावनाएं

हालांकि सिख समुदाय न्यूजीलैंड में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन 2018 के बाद से उनकी वृद्धि दर में कमी आई है। यह मुख्य रूप से वीज़ा नीतियों में बदलाव और कम कुशल श्रमिकों की सीमित पहुंच के कारण हुआ। इसके बावजूद, सिख धर्म न्यूजीलैंड में इस्लाम और बौद्ध धर्म से आगे निकलने की ओर अग्रसर है।

न्यूजीलैंड में सिख समुदाय की बढ़ती संख्या और उनके सांस्कृतिक योगदान से यह स्पष्ट है कि उन्होंने देश की विविधता में एक आयाम जोड़ा है। चाहे धार्मिक सहिष्णुता हो, आर्थिक योगदान हो, या सांस्कृतिक आदान-प्रदान, सिख समुदाय ने हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।

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