‘दिमाग और शरीर में सूजन, आंख, कान में दिक्कत’, ये कैसी हालत हो गई है साध्वी प्रज्ञा की, कांग्रेस को बताया जिम्मेदार, बोलीं- ‘अगर जिंदा रही तो…’

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 07 Nov 2024, 12:00 AM | Updated: 07 Nov 2024, 12:00 AM

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के भोपाल (Bhopal) से पूर्व बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Former BJP MP Sadhvi Pragya Singh Thakur) को मुंबई की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने प्रज्ञा को 13 नवंबर को कोर्ट में पेश होने को कहा है। इस बीच प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपनी बिगड़ती तबीयत दिखाते हुए एक पोस्ट किया है और पोस्ट कर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा है ‘अगर मैं जिंदा रही तो कोर्ट जरूर जाऊंगी।’  दरअसल पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मालेगांव ब्लास्ट मामले में वारंट मिला है।

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प्रज्ञा के खिलाफ जमानती वारंट जारी

2008 के मालेगांव ब्लास्ट (2008 Malegaon blast) मामले में पेश न होने के कारण प्रज्ञा सिंह ठाकुर मुंबई एनआईए कोर्ट से जमानती वारंट का सामना कर रही हैं। कोर्ट के जज एके लाहोटी के अनुसार, मामले की अंतिम बहस शुरू होने तक प्रज्ञा सिंह ठाकुर की मौजूदगी जरूरी है। इसके चलते पूर्व सांसद के खिलाफ 10 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी किया गया है। इस वारंट को वापस करने के लिए 13 नवंबर तक का समय है।

प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Sadhvi Pragya Singh Thakur) को इसे रद्द करवाने के लिए कोर्ट जाना होगा। मालेगांव बम मामले में प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर पहले ही वारंट जारी हो चुका है। एनआई कोर्ट ने इस साल मार्च की शुरुआत में ही गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था। स्वास्थ्य कारणों से वह पिछले कुछ महीनों से कोर्ट में नहीं आई हैं।

साध्वी ने अपना हाल बताया- Sadhvi Pragya Singh Thakur health update

इस बीच साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने अपनी खराब सेहत का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने लिखा, ‘कांग्रेस_का_टॉर्चर सिर्फ ATS कस्टडी तक ही नहीं, मेरे जीवन भर के लिए मृत्यु दाई कष्ट का कारण हो गया। ब्रेन में सूजन, आंखों से कम दिखना, कानों से कम सुनना, बोलने में असंतुलन, स्टेरॉयड और न्यूरो की दवाओं से पूरे शरीर में सूजन। एक हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है, जिंदा रही तो कोर्ट अवश्य जाऊंगी।’


भोपाल से साध्वी प्रज्ञा सांसद रह चुकी हैं। उनके बयानों से पार्टी को अक्सर परेशानी होती रही है। उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी से टिकट नहीं मिला है। वे सार्वजनिक समारोहों से भी बचती हैं।

क्या कहा प्रज्ञा के वकील ने?

पूर्व सांसद के वकील जेपी मिश्रा ने कोर्ट में दलील दी है कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की तबीयत ठीक नहीं है। जिसके चलते उन्हें कोर्ट में मामले की सुनवाई की इजाजत दी जाए। वहीं कोर्ट ने कहा है कि मामले में अंतिम बहस चल रही है और साध्वी का पेश होना जरूरी है। इसलिए वारंट जारी किया गया है।

नेमप्लेट विवाद पर भी सुर्खियों में आई थी प्रज्ञा

इससे पहले साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने हिंदू दुकानदारों से कहा था कि वे अपने व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर अपना नाम लिखें ताकि हिंदुओं और गैर-हिंदुओं के बीच अंतर किया जा सके। भाजपा शासित उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड द्वारा कांवड़ यात्रा मार्गों पर रेस्तरां मालिकों और कर्मचारियों के नाम उपलब्ध कराने के निर्देश पर मचे बवाल के बीच भोपाल की पूर्व सांसद ने यह अनुरोध किया था। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इन निर्देशों पर रोक लगा दी थी।

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