Rakesh Singh Yedia: किसान का भुगतान रोकने के मामले में (Yamuna Expressway Industrial Development Authority) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (Rakesh Kumar Singh) ने सख्त कदम उठाया है। उन्होंने महाप्रबंधक वित्त (Ashok Kumar Singh) समेत तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब जनसुनवाई के दौरान एक किसान ने शिकायत की कि उसकी जमीन की रजिस्ट्री प्राधिकरण के नाम हो चुकी है, लेकिन उसे अभी तक भुगतान नहीं मिला है।
क्या है पूरा मामला
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि किसान का कहना था कि उसने अपनी जमीन की रजिस्ट्री यमुना प्राधिकरण के नाम कर दी है, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी उसे पैसा नहीं मिला। भुगतान पाने के लिए वह कई बार प्राधिकरण कार्यालय के चक्कर लगा चुका है, लेकिन हर बार उसे निराश होकर लौटना पड़ा। जब यह मामला जनसुनवाई के दौरान सीईओ के सामने आया, तो उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही माना और तुरंत संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तलब कर लिया।
72 घंटे में भुगतान का नियम
CEO राकेश कुमार सिंह ने बताया कि यमुना प्राधिकरण सहमति के आधार पर किसानों से जमीन खरीदता है। ऐसे मामलों में साफ नियम है कि जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद 72 घंटे के भीतर किसान का भुगतान कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह नियम पहले से तय है और सभी अधिकारियों को इसकी जानकारी भी है। इसके बावजूद भुगतान में देरी होना नियमों की अनदेखी है और ऐसा करना किसानों के साथ भी सरासर अन्याय है।
चेतावनी देने के बावजूद कोई सुधार नहीं
बता दें कि CEO ने आगे यह भी कहा कि वह पहले भी अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि उनका व्यवहार जनता के प्रति सिटीजन फ्रेंडली होना चाहिए और लोगों की समस्याओं का जल्दी समाधान होना चाहिए। उनका कहना है कि किसान और आम लोगों को बार-बार दफ्तर के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित करना हर अधिकारी की जिम्मेदारी है। लेकिन चेतावनी के बावजूद कुछ अधिकारियों के काम करने के तरीके में सुधार नहीं हुआ। जिसको लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
जारी किया कारण बताओ नोटिस
जब शिकायत के बाद संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया तो उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद महाप्रबंधक वित्त अशोक कुमार सिंह सहित तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। CEO ने साफ शब्दों में कहा है कि यह अंतिम चेतावनी है और भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर आगे भी इसी तरह की शिकायतें मिलती हैं तो संबंधित अधिकारियों पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
