पंजाब के मोहाली (Mohali) के सेक्टर 77 में एसएएस नगर में पुलिस खुफिया विभाग के मुख्यालय पर सोमवार शाम करीब 7.45 बजे अचानक दनादन बम ब्लास्ट की घटना ने शहर में हड़कंप मचा दिया। ये ब्लास्ट रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) से किया गया था, जिसमें पुलिस के खुफिया विभाग के मुख्यालय के बाहर के शीशे पूरी तरह चकनाचूर हो गए हैं। जबकि अंदर कुछ भी नहीं हुआ, लेकिन फिर भी सभी लोग सहमे हुए हैं। आखिर अचानक शहर में पुलिस खुफिया विभाग के मुख्यालय पर बम ब्लास्ट जैसी बड़ी घटना कैसे हो गई? कहां चूक हो गई? इस घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रिपोर्ट तलब की है। भगवंत मान ने DGP से इस हमले कि रिपोर्ट मांगी है। इस घटना ने पंजाब सरकार की टेंशन बढ़ा दी। आपको बता दें सरकार को Mohali बम ब्लास्ट की घटना के पीछे आतंकी हमले की कोई साजिश लग रही है।
मोहाली प्रशासन का बयान
मोहाली बम ब्लास्ट पर प्रशासन ने इसे एक माइनर बम ब्लास्ट हमला करार दिया है, वहीं मोहाली के SP रविंदर पाल सिंह ने इसे आतंकी हमला मानने से इनकार किया, जिसको लेकर बहस छिड़ी हुई है। मोहाली पुलिस ने उस बिल्डिंग को सील कर दिया है, जहां धमाका हुआ था। पुलिस ने ब्लास्ट वाले इलाके के आस-पास भारी तैनाती कर दी गई। इंटेलिजेंस ब्यूरो की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को भी सील कर दिया है। पुलिस का कहना है कि ब्लास्ट बाहर से किया गया है। इस घटना के बाद प्रशासन ने पंजाब में हाई अलर्ट जारी किया है।बम ब्लास्ट के बाद पुलिस खुफिया विभाग के मुख्यालय पर फॉरेंसिक टीम सोमवार को पहुंची थी | इस मामले कि जांच में एफएसएल कि टीम जुटी है।
घटना के बाद लाइट ऑफ करते दिखा संदिग्ध
मोहाली में बम ब्लास्ट के बाद घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। ये भी सामने आया कि घटना के बाद दफ्तर की बिल्डिंग की लाइट ऑफ करते हुए संदिग्ध को देखा गया है लेकिन ज्यादातर ऐसी घटनाओं के बाद सभी लाइट ऑन कर दी जाती हैं ताकि रोशनी बनी रहे। ऐसे ही खबर सामने आई है कि मोहाली हमले को अंजाम देने कार से दो संदिग्ध आएं थे, जिन्होंने अटैक 80 मीटर दूर से किया था |
हिमाचल CM को धमकी
मोहाली के पुलिस खुफ़िया विभाग के मुख्यालय पर बम ब्लास्ट के बाद खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस की तरफ से हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री (CM ) जयराम ठाकुर ने खालिस्तानी आतंकी संगठन को धमकी दी है, जिसमें कहा गया है कि मोहाली हमले से सीख जाओ वरना ऐसा हमला शिमला में भी देखने को मिलेगा। इस संगठन के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक ऑडियो में धमकी देते हुए कहा है कि हमें भड़काया ना जाएं वरना बहुत ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। धर्मशाला में सिख फॉर जस्टिस ने अपने झंडे लगाए भी लगा दिए है।



























