वीर सावरकर ने अंबेडकर को क्यों कहा झाड़ की पत्ती? दलितों को लेकर क्या सोचते थे वीर सावरकर…
भारत में देशप्रेमियों की कभी कमी नहीं हुई है. फिर चाहे वो आजादी के पहले हो या आजादी के बाद. लेकिन समय के हिसाब से दोनों की ही विचारधाराओं में काफी अंतर था. आजादी के पहले हमारे क्रांतिकारी नेता सिर्फ देश कि सोंचते थे. तब जाति- धर्म को लेकर किसी भी नेता, राजनेता या संगठन...
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