Noida Farm House : 400 से ज्यादा लोगों ने बैनामा छुपाकर अथॉरिटी में आपत्तियां दायर की, जानिए इसके पीछे की वजह?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 30 Jul 2022, 12:00 AM | Updated: 30 Jul 2022, 12:00 AM

नोएडा यमुना खादर फार्म हाउस (Noida Yamuna Farm House) मामलें में आएं दिन कोई न कोई बड़ा अपडेट सुनने को मिल ही जाता है। इस बार के अपडेट में नोएडा के यमुना खादर में फार्म हाउस बनाकर बैठे 400 से अधिक लोगों ने प्राधिकरण (Authority) में अपनी आपत्तियां दायर की हैं।

ये आपत्तियां इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के आदेश पर अथॉरिटी ने ली हैं। लेकिन एक भी आपत्ति में बैनामा कॉपी अटैच नहीं की गई है। फिलहाल अब इन पर सुनवाई चल रही है। बता दें , करीब 400 के आसपास आपत्ति प्राधिकरण में ईमेल और पोस्ट के माध्यम से मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अथॉरिटी ने अब तक 60 आपत्तियों को खारिज किया है। जबकि पिछले एक सप्ताह में तीन फाइलों का निस्तारण किया गया है। इसके अलावा करीब 40 आपत्तियों का निस्तारण सोमवार तक कर दिया जाएगा।

नोएडा अथॉरिटी का जवाब 

नोएडा फार्म हाउसों (Noida Farm House) के बैनामे में छिपा रहे , आपत्ति करने वाले फार्म हाउस मालिकों की ओर से आई आपत्तियों का निस्तारण करते हुए अथॉरिटी की ओर से कहा गया है कि ‘यमुना के डूब क्षेत्र में पक्का निर्माण अवैध है। इसे खुद हटा लें, अन्यथा हम इन फार्म हाउसों को गिरा देंगे। नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) के अधिकारियों ने बताया कि आपत्तियां दर्ज करवाने वालों ने पत्र में अपना नाम तो दिया है, लेकिन बैनामों की फोटो कॉपी नहीं लगाई हैं। जिससे साफ़ नहीं हो पा रहा है कि इन फार्म हाउस का असली मौलिक कौन है?

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मालिक और अथॉरिटी के बीच चल रहें कुछ सवाल-जवाब 

आपत्ति -1 : इन लोगों ने सवाल खड़ा किया है कि ”नंगला नंगली खादर में नोएडा फार्म हाउस बने हैं, जो नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में नहीं आते हैं।

जवाब-1 : इसके जबाव में प्राधिकरण ने कहा है कि मास्टर प्लान-2031 के तहत नंगला-नंगली का यमुना नदी से बांध के बीच का क्षेत्र रिवर फ्रंट डेवलेपेमंट जोन के अंतर्गत आता है। इस प्रकार से यह नोएडा प्राधिकरण का अधिसूचित क्षेत्र है।

आपत्ति-2 : फार्म मालिकों को आपत्ति है कि ‘नोएडा प्राधिकरण की ओर से 8 जून 2022 को जारी किया गया सार्वजनिक नोटिस पूर्ण रूप से अवैध है।  हमें सुनवाई का मौका नहीं दिया गया।

जवाब-2 : इस पर नोएडा प्राधिकरण का जवाब है- डूब क्षेत्र और बांध रोड पर जगह-जगह नोटिस बोर्ड लगे हुए हैं। उसमें स्पष्ट है कि यहां किसी भी प्रकार का पक्का निर्माण नहीं किया जा सकता है। बाकायदा, यह सार्वजनिक सूचना और चेतावनी नोटिस के तौर पर ही ली जानी चाहिए।

आपत्ति -3 : नोएडा प्राधिकरण का अधिकार क्षेत्र क्या है और फ्लड जोन की परिभाषा के संबंध में क्या आपत्ति है?

जवाब-3 : इस पर नोएडा प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि ‘सिंचाई विभाग के तहत जहां नदी के दोनों ओर मार्जिनल तटबंध निर्मित हैं। ऐसे स्थानों पर दो तटबंध के बीच का क्षेत्र और जहां नदी के दोनों ओर तटबंध निर्मित नहीं हैं। ऐसे स्थानों पर शहरी क्षेत्र में 1.50 बाढ़ आर्वत और ग्रामीण क्षेत्र में 1.25 आर्वत का डूब क्षेत्र हेगा। यही वजह है कि नोएडा की 5 हजार हेक्टेयर जमीन को रिवर फ्रंट के रूप में विकसित किया जाना है। जिसके तहत इसे मास्टर प्लान में शामिल किया गया है।

आपत्ति- 4 : नोएडा फार्म हाउसों के नक्शों को जिला पंचायत ने पास किया है। 

जवाब-4 :  फार्म हाउस डेवलपर की ओर से गलत तरीके से जिला पंचायत से नक्शे पास कराए गए जिसे बाद इसे निरस्त भी कर दिया गया है।

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