Delhi News: देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक New Delhi Railway Station अब आने वाले समय में पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। केंद्र सरकार की बड़े स्तर की पुनर्विकास योजना के तहत इस स्टेशन को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस करने की तैयारी है। यानी भविष्य में यहां सिर्फ ट्रेन पकड़ना ही नहीं, बल्कि एक आधुनिक और आरामदायक यात्रा अनुभव भी मिलेगा।
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स्टेशन का आकार और क्षमता होगी कई गुना ज्यादा | Delhi News
इस परियोजना के तहत स्टेशन का क्षेत्रफल मौजूदा 17,274 वर्गमीटर से बढ़ाकर करीब 1,09,040 वर्गमीटर किया जा रहा है। यही नहीं, यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। अभी जहां रोजाना करीब 4.5 लाख लोग इस स्टेशन से गुजरते हैं, वहीं भविष्य में यह आंकड़ा 7 लाख प्रतिदिन तक पहुंच सकता है।
पार्किंग सुविधा में भी बड़ा बदलाव होगा। वर्तमान में जहां 373 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है, वहीं इसे बढ़ाकर 2,100 ईसीएस (Equivalent Car Space) किया जा रहा है।

एलिवेटेड रोड से ट्रैफिक को मिलेगा राहत
स्टेशन के आसपास की भीड़ को कम करने के लिए करीब 5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाया जा रहा है। यह रोड जमीन से लगभग 10 फीट ऊपर होगा और सीधे स्टेशन के एंट्री पॉइंट तक पहुंचेगा। इससे यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी और गाड़ियों की आवाजाही ज्यादा सुचारु होगी।
इसके साथ ही स्टेशन के दोनों ओर एयरपोर्ट की तर्ज पर 30 मीटर चौड़े और करीब 300 मीटर लंबे एप्रन एरिया बनाए जाएंगे, जहां यात्रियों को आराम से ड्रॉप-ऑफ और पिक-अप की सुविधा मिलेगी। इससे कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
आधुनिक स्टेशन भवन और आइकॉनिक टावर
पुनर्विकास योजना के तहत स्टेशन के पहाड़गंज और अजमेरी गेट दोनों तरफ अत्याधुनिक भवन बनाए जाएंगे। ये भवन लगभग 300 मीटर लंबे और 60 मीटर चौड़े होंगे, जिनमें डबल बेसमेंट पार्किंग, रिटेल स्पेस, वेटिंग एरिया और यात्रियों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं होंगी।
इसके अलावा यहां करीब 21 मंजिला ऊंचे आइकॉनिक टावर भी बनाए जाएंगे, जो दिल्ली की स्काईलाइन को एक नया और आधुनिक रूप देंगे।
एयर कॉन्कोर्स और बेहतर यात्री अनुभव
इस प्रोजेक्ट की खास बात है कि स्टेशन पर एक विशाल एयर कॉन्कोर्स बनाया जाएगा, जो लगभग 300 मीटर लंबा और 200 मीटर चौड़ा होगा। यह कॉन्कोर्स ट्रैक के ऊपर बनेगा और यहां से यात्री आसानी से प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकेंगे।
यहां वेटिंग एरिया, रिटेल शॉप्स और बेहतर भीड़ प्रबंधन की सुविधा होगी, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट जैसा अनुभव मिलेगा।
सबवे और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी
यात्रियों की सुविधा के लिए हाईटेक सबवे नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इसमें एक 25 मीटर चौड़ा मुख्य सबवे और दो 9 मीटर चौड़े अतिरिक्त सबवे होंगे। इससे आने वाले यात्रियों को अलग रास्ता मिलेगा और वे सीधे मेट्रो, बस या टैक्सी तक पहुंच सकेंगे। दरअसल, इस पूरे प्रोजेक्ट को मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां रेलवे, मेट्रो, बस और अन्य परिवहन साधन आपस में जुड़े होंगे। इससे यात्रा और भी आसान और तेज हो जाएगी।
पर्यावरण का भी रखा जा रहा ध्यान
इस परियोजना में सिर्फ आधुनिकता ही नहीं, बल्कि पर्यावरण का भी ध्यान रखा जा रहा है। भवनों को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि प्राकृतिक रोशनी ज्यादा मिले और गर्मी कम महसूस हो। इसके साथ ही बेहतर वेंटिलेशन और ऊर्जा-सक्षम तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर और सीढ़ियों का बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे हर वर्ग के लोग आसानी से स्टेशन का उपयोग कर सकें।
तेजी से चल रहा है निर्माण कार्य
रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट पर काम तेजी से जारी है। खासतौर पर पहाड़गंज साइड पर बेसमेंट निर्माण, डायफ्राम वॉल और खुदाई का काम चल रहा है। पुरानी इमारतों को हटाने का काम भी किया जा चुका है, जिसमें रेल निवास, गतिमान लाउंज और कुछ कार्यालय शामिल हैं। एलिवेटेड रोड के लिए पाइल और पियर निर्माण जारी है, जबकि प्रीकास्ट गर्डर का काम प्रगति मैदान के कास्टिंग यार्ड में हो रहा है।
भविष्य की झलक
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह सिर्फ एक स्टेशन का अपग्रेड नहीं, बल्कि एक “नेक्स्ट जेनरेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट” है। इसका उद्देश्य यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव देना है।
कुल मिलाकर, आने वाले समय में New Delhi Railway Station सिर्फ एक रेलवे स्टेशन नहीं रहेगा, बल्कि एक आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब के रूप में उभरेगा, जहां यात्रा करना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सुखद होगा।




























