NATO Defense Budget: अमीर देशों का ऐतिहासिक फैसला – चीन-रूस रह जाएंगे पीछे, भारत की झोली में आएंगे अरबों रुपये!

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 26 Jun 2025, 12:00 AM | Updated: 26 Jun 2025, 12:00 AM

NATO Defense Budget: हाल ही में नाटो देशों ने अपने रक्षा बजट में 5 प्रतिशत तक की वृद्धि करने का ऐलान किया है। इसका सीधा असर यह होगा कि अब इन देशों में अत्याधुनिक और शक्तिशाली हथियारों की खरीदारी की होड़ शुरू होगी। ये देश अब नई सैन्य तकनीकों, हथियार प्रणालियों और सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश करेंगे। इससे न केवल वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव आएगा, बल्कि यह भारत के लिए एक सुनहरा अवसर भी होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही इस बदलाव को भांप लिया था और इस दिशा में भारत को तैयार करने के लिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी योजनाओं की शुरुआत की थी।

और पढ़ें: Mexico mass shooting: सड़क पर जश्न मना रहे थे लोग, अचानक हुई गोलियों की बरसात! मेक्सिको में खौफनाक हमला – 12 की मौत, 20 घायल

भारत: विश्वसनीय और सस्ता हथियार आपूर्तिकर्ता- NATO Defense Budget

नाटो देशों के लिए यह अत्यधिक महत्वपूर्ण है कि वे अपने हथियारों की खरीदारी को ऐसी जगह से करें, जो भरोसेमंद हो और जो राजनीतिक रूप से उन्हें कोई संकट न दे। रूस और चीन, जो हथियारों के बड़े उत्पादक हैं, नाटो देशों के लिए विकल्प नहीं बन सकते। चीन और रूस के साथ तनावपूर्ण संबंधों के कारण नाटो देशों के लिए इनसे हथियार खरीदना रणनीतिक और राजनीतिक रूप से असंभव हो गया है। ऐसे में भारत एक विश्वसनीय और सस्ता विकल्प के रूप में उभरा है। भारत में निर्मित हथियारों की गुणवत्ता न केवल उच्च है, बल्कि ये हथियार युद्ध में भी अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं और उनकी कीमत भी अन्य देशों के मुकाबले काफी सस्ती है।

भारत के हथियारों की बढ़ती मांग

भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी रक्षा क्षमताओं में अभूतपूर्व वृद्धि की है। ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, आकाश मिसाइल सिस्टम, पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, तेजस फाइटर जेट और स्वदेशी ड्रोन जैसे हथियारों ने दुनियाभर में अपनी गुणवत्ता और विश्वसनीयता के कारण पहचान बनाई है। इन हथियारों के रख-रखाव की लागत भी कम है, जो उन्हें और भी आकर्षक बनाता है।

भारत अब सिर्फ हथियारों का खरीदार नहीं बल्कि एक प्रमुख एक्सपोर्टर भी बन चुका है। भारत ने फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप भेजी है, और अब कई अन्य देशों जैसे वियतनाम, इंडोनेशिया, ब्राजील और कुछ यूरोपीय देशों से भी हथियार खरीदने की बातचीत चल रही है।

नाटो देशों से अरबों डॉलर की डील और लाखों नई नौकरियां

अगर नाटो देश भारत से हथियारों की खरीदारी शुरू करते हैं, तो इससे भारत को अरबों डॉलर की कमाई हो सकती है। साथ ही, भारतीय रक्षा उद्योग में एक क्रांति आ सकती है। इससे लाखों नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। फैक्ट्रियों में प्रत्यक्ष रोजगार और सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स, रिसर्च और डेवलपमेंट में अप्रत्यक्ष रूप से लाखों नए रोजगार पैदा होंगे। यह भारत को एक वैश्विक ताकत बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

वैश्विक राजनीति में भारत की स्थिति

दुनिया में अमेरिका और रूस जैसे देश अपनी सैन्य शक्ति के कारण ही राजनीतिक प्रभाव रखते हैं। अब भारत इस खेल का एक बड़ा खिलाड़ी बन सकता है। भारत अपनी सैन्य रणनीति और रक्षा नीति को अपने हिसाब से तय कर सकेगा और वैश्विक राजनीतिक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत कर सकेगा।

और पढ़ें: History of Qatar: पहले बंजर रेगिस्तान, अब अरबों का मालिक! कतर ने आखिर कैसे बदली अपनी किस्मत?

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds