Lucknow Poster War 2026: बिहार की राजनीति में एक युग का अंत होता दिख रहा है। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के राज्यसभा जाने की खबर ने बिहार से लेकर दिल्ली तक सियासी घमासान छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे और राज्यसभा जाने के फैसले ने जहां जदयू कार्यकर्ताओं में हलचल मचा दी है, वहीं समाजवादी पार्टी ने इसे भाजपा की ‘इस्तेमाल करो और फेंको’ की रणनीति करार देते हुए तीखा हमला बोला है।
Also Read: Sikh Warriors story: सिख योद्धा और आदमखोर बाघिन,जब मौत के जबड़े से छीन लाए जिंदगी
सपा कार्यालय के बाहर लगा विवादित पोस्टर
लखनऊ (Lucknow) में सपा कार्यालय के बाहर लगे नए पोस्टर ने इस विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है। इस पोस्टर के जरिए सपा ने भाजपा की राजनीति पर सवाल उठाते हुए तीखा तंज कसा है। इससे एक बड़ा सवाल उठता है कि क्या यह वास्तव में नीतीश कुमार की निजी इच्छा है या बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों का परिणाम?
पोस्टर के तीखे बोल
यह पोस्टर समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद इखलाक ने लगाया है। उन्होंने बिहार (Bihar) की राजनीति का जिक्र करते हुए बीजेपी की कार्यशैली पर सवाल उठाया है। सपा नेताओं का कहना है कि यह पोस्टर बताता है कि बीजेपी अपने सहयोगियों के साथ किस तरह की राजनीति करती है।
Also Read: Jewar Airport: नोएडा वालों को जाम से मिलेगी मुक्ति, महीने के अंत में शुरू हो सकता है जेवर एयरपोर्ट
शुरू हुई सियासी बयानबाजी
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेता मोहम्मद इखलाक (Mohammad Ikhlaq) द्वारा लगाए गए इस पोस्टर में भाजपा पर सीधा हमला किया गया है। पोस्टर की भाषा बेहद तीखी है, जिसमें लिखा है ‘मुख्यमंत्री की कुर्सी दी, सत्ता चलाने का सहारा लिया, जब जरूरत थी तब साथ रखा, काम निकल गया तो किनारे कर दिया।’ यह पंक्तियां न केवल भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठा रही हैं, बल्कि नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी एक बड़ा संदेश दे रही हैं।
इसके साथ ही पोस्टर में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान का भी जिक्र किया गया है। पोस्टर में लिखा है “अखिलेश यादव जी ने सही कहा था, BJP की राजनीति यही है… पहले इस्तेमाल करो, फिर बर्बाद करो।” पोस्टर सामने आने के बाद इसे लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। सपा समर्थकों का कहना है कि इस पोस्टर के जरिए बीजेपी की राजनीति पर सटीक टिप्पणी की गई है, जो अपने सहयोगियों को कमजोर करती है। वहीं, भाजपा समर्थक इसे सिर्फ राजनीतिक हताशा और बयानबाजी बता रहे हैं।
आगामी चुनावों की तैयारी
राजनीतिक (Political) विश्लेषकों का मानना है कि यह पोस्टर केवल एक तंज नहीं, बल्कि आगामी चुनावों के लिए विपक्षी नैरेटिव (PDA) की तैयारी है। जहां भाजपा इसे नीतीश कुमार की पुरानी इच्छा और सम्मानजनक विदाई बता रही है, वहीं सपा इसे गठबंधन के छोटे साथियों के लिए एक चेतावनी के रूप में पेश कर रही है।
फिलहाल सपा कार्यालय के बाहर लगा यह पोस्टर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इसे लेकर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है। गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने 5 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है, जिसके बाद बिहार की कमान अब भाजपा के हाथों में जाने की अटकलें तेज हैं।
