Canada: खालिस्तानी अलगाववादियों ने हिंदुओं और मंदिरों पर किया हमला, घटना पर भड़के एस जयशंकर, तीन लोग गिरफ्तार

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 05 Nov 2024, 12:00 AM | Updated: 05 Nov 2024, 12:00 AM

Canada Brampton Hindu Temple Attack: ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में रविवार (3 नवंबर 2024) को खालिस्तानी चरमपंथियों ने जमकर उत्पात मचाया। मंदिर में हिंदुओं के साथ मारपीट की गई। मिली जानकारी के मुताबिक, खालिस्तानी चरमपंथियों ने हिंदू सभा मंदिर के सामने विरोध प्रदर्शन किया और देखते ही देखते यह हिंसक प्रदर्शन में बदल गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जबरन परिसर में घुसकर मंदिर प्रशासन के सदस्यों और श्रद्धालुओं पर हमला किया। उन्होंने महिलाओं और बच्चों की भी बेरहमी से पिटाई की। विदेश मंत्री एस जयशंकर (Indian Foreign Minister S. Jaishankar) ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई।

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विदेश मंत्री ने ट्रूडो सरकार पर उठाए सवाल – Khalistani Extremists Attack Hindu Temple Brampton

ट्रूडो सरकार पर सवाल उठाते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि यह घटना एक तरह से कनाडा में चरमपंथियों को दी जा रही राजनीतिक शरण की ओर इशारा करता है। इस घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Indian Prime Minister Narendra Modi) ने भी इस पर चिंता जताई है। इतना ही नहीं खालिस्तानी अलगाववादियों ने मंदिर परिसर के पास मंदिर प्रशासन और भारतीय उच्चायोग द्वारा संयुक्त रूप से लगाए गए वीजा कैंप को भी निशाना बनाया। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Canada PM Justin Trudeau) ने इस घटना की निंदा की और कहा कि मंदिर में हिंसा अस्वीकार्य है।

पुलिस बल की बढ़ाई गई तैनाती

खबरों की मानें तो, खालिस्तानी झंडे लेकर आए अलगाववादियों ने वहां जमा श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया। पुलिस कर्मियों को बीच-बचाव करते देखा गया। पील क्षेत्रीय पुलिस ने बताया कि उसे हिंदू सभा मंदिर के सामने विरोध प्रदर्शन की जानकारी थी। इसके तहत सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर में पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ा दी गई।

तीन व्यक्ति गिरफ्तार

पुलिस प्रमुख निशान दुरईप्पा ने कहा- हम शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान करते हैं, लेकिन हिंसा और आपराधिक कृत्यों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमलावरों को गिरफ्तार किया जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद मंदिर परिसर के आसपास और अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। पील क्षेत्रीय पुलिस ने भी कहा कि श्रद्धालुओं पर हमलों के बाद हिंदुओं के गठबंधन द्वारा आयोजित प्रदर्शन के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

काउंसलर शिविर में भी हंगामा

पील क्षेत्रीय पुलिस ने बताया कि इसके बाद मिसिसॉगा शहर के भीतर दो अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन हुए। उधर, भारतीय उच्चायोग ने एक बयान में कहा- “तीन नवंबर को हमने हिंदू सभा मंदिर के सहयोग से टोरंटो के पास ब्रैम्पटन में मंदिर के पास एक कांसुलर कैंप का आयोजन किया।

वहां, शिविर को भारत विरोधी तत्वों ने निशाना बनाया (Canada Brampton Hindu Temple Attack)। 2 और 3 नवंबर को वैंकूवर और सरे में आयोजित काउंसलर शिविरों के दौरान, खालिस्तानी अलगाववादियों ने भी व्यवधान पैदा किया। नियमित काउंसलर कार्य में इस तरह का व्यवधान बेहद निराशाजनक है। हम भारतीय नागरिकों सहित वीजा आवेदकों की सुरक्षा को लेकर भी बहुत चिंतित हैं, जिनकी मांग पर ऐसे शिविर आयोजित किए जाते हैं।

हिंदू संगठनों ने भी जताया रोष

उच्चायोग के अनुसार, इन असुविधाओं के बावजूद कनाडा और भारत के आवेदकों को 1000 से अधिक प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कनाडा के राष्ट्रीय हिंदू परिषद (सी.एन.सी.एच.), हिंदू महासंघ, हिंदू महासभा मंदिर प्रशासन और कई हिंदू संगठनों के अनुसार, कनाडा भर में हिंदू मंदिर और संस्थाएं अब राजनेताओं को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए मंदिर की सुविधाओं का उपयोग करने की अनुमति नहीं देंगी, जब तक कि वे देश में बढ़ते खालिस्तानी उग्रवाद की गंभीर समस्या पर निर्णायक कार्रवाई नहीं करते।

सीएनसीएच ने कहा कि ट्रूडो के नेतृत्व वाली कनाडाई सरकार के कार्यकाल के दौरान हिंदुओं पर हमले खतरनाक दर से बढ़े हैं और यह देश में व्याप्त धार्मिक असहिष्णुता की चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा

“मैं कनाडा में एक मंदिर पर जानबूझकर किए गए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हमारे राजनयिकों को डराने-धमकाने की कायरतापूर्ण कोशिशें भी भयावह हैं। हिंसा के ऐसे कृत्य भारत के संकल्प को कभी कमजोर नहीं कर सकते। हम उम्मीद करते हैं कि कनाडा की सरकार न्याय सुनिश्चित करेगी और कानून का शासन कायम रखेगी।” – नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री।

जस्टिन ट्रूडो का बयान

“ब्रैम्पटन के हिंदू सभा मंदिर में हुई हिंसा अस्वीकार्य है। हर कनाडाई को अपने धर्म का स्वतंत्र तरीके से और सुरक्षित माहौल में पालन करने का अधिकार है। भारतीय समुदाय की सुरक्षा और इस घटना की जांच के लिए तुरंत कार्रवाई करने पर पील क्षेत्रीय पुलिस को धन्यवाद।” – जस्टिन ट्रूडो, प्रधानमंत्री कनाडा

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