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Kgmu Lucknow protest: KGMU तोड़फोड़ मामला, FIR न होने पर हड़ताल की चेतावनी, 13 जनवरी से OPD बंद करने का ऐलान

Nandani | Nedrick News

Published: 12 Jan 2026, 02:03 PM | Updated: 12 Jan 2026, 02:03 PM

Kgmu Lucknow protest: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) इन दिनों गंभीर विवाद के केंद्र में है। बीते शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में हुई तोड़फोड़ और महिला अधिकारियों के साथ कथित अभद्रता के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना के बाद से डॉक्टरों, शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।

आरोप है कि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के साथ आए लोगों ने KGMU परिसर में अराजकता फैलाते हुए तोड़फोड़ की और महिला अधिकारियों से दुर्व्यवहार किया। इस पूरे मामले में अब तक एफआईआर दर्ज न होने से माहौल और ज्यादा गरमा गया है।

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FIR नहीं हुई तो 13 जनवरी को हड़ताल (Kgmu Lucknow protest)

KGMU के शिक्षक, रेजीडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों की संयुक्त समिति ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने जल्द एफआईआर दर्ज नहीं की, तो 13 जनवरी 2026 से हड़ताल की जाएगी। समिति ने ऐलान किया है कि हड़ताल के दौरान इमरजेंसी सेवाएं तो चालू रहेंगी, लेकिन OPD सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी।

इस संबंध में संयुक्त समिति की ओर से एक पत्र भी जारी किया गया है, जिसमें पुलिस प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। फिलहाल प्रशासन और आला अधिकारी हड़ताल को टालने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।

72 घंटे बाद भी दर्ज नहीं हुई FIR

संयुक्त समिति के अनुसार, 9 जनवरी को करीब 100 से 150 लोगों की भीड़ KGMU परिसर में दाखिल हुई और वहां हंगामा किया गया। आरोप है कि इस दौरान कुलपति, प्रति-कुलपति, विशाखा समिति की अध्यक्ष और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की महिला सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

घटना के दिन ही KGMU प्रशासन की ओर से प्रॉक्टर के माध्यम से चौक थाने में लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन 72 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

अपर्णा यादव पर गंभीर आरोप

डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि इस मामले में कार्रवाई न होना न्याय में देरी का साफ संकेत है। संयुक्त समिति ने आरोप लगाया है कि अपर्णा यादव की भूमिका और कार्यशैली उनके संवैधानिक पद के अनुरूप नहीं है, जिससे सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है।

समिति का यह भी कहना है कि बिना पुख्ता तथ्यों के प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विश्वविद्यालय प्रशासन को बदनाम करने की कोशिश की गई, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

STF को सौंपी गई जांच

इस पूरे विवाद के बीच एक अहम अपडेट सामने आया है। KGMU में सामने आए यौन शोषण, कथित धर्मांतरण और तोड़फोड़ के मामलों की जांच अब उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को सौंप दी गई है।

KGMU प्रशासन द्वारा गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने STF से जांच कराने की सिफारिश की थी। कमेटी के चेयरपर्सन ने इसकी पुष्टि की है। वहीं कमेटी के सदस्य और पूर्व डीजी भावेश कुमार पिछले कुछ दिनों से STF को पूरे मामले की जानकारी दे रहे थे।

मुख्यमंत्री योगी से मिलेंगी KGMU कुलपति

मामले की गंभीरता को देखते हुए KGMU की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगी। इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि कुलपति पूरे घटनाक्रम, प्रशासन की जांच और मौजूदा हालात की जानकारी सीधे मुख्यमंत्री को देंगी।

मरीजों पर पड़ेगा असर, आज तय होगी आगे की रणनीति

KGMU देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में से एक है, जहां दूर-दराज से गंभीर मरीज इलाज के लिए आते हैं। संयुक्त समिति का कहना है कि जब शीर्ष अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

हालांकि मरीजों की परेशानी को देखते हुए फिलहाल 24 घंटे की मोहलत दी गई है। 13 जनवरी को दोपहर 2 बजे संयुक्त समिति की बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। अगर हड़ताल होती है, तो हजारों मरीजों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

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