'गोदी मीडिया नहीं बनने पर आवाज कुचल दी जाएगी'…दैनिक भास्कर-भारत समाचार पर छापेमारी को लेकर हमलावर विपक्ष

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 22 Jul 2021, 12:00 AM | Updated: 22 Jul 2021, 12:00 AM

गुरुवार को इनकम टैक्स विभाग (IT Department) ने  देश की दो बड़ी मीडिया ग्रुप के दफ्तरों पर छापे मारे, जिसको लेकर सोशल मीडिया से लेकर संसद तक काफी बवाल मचा। ये दो मीडिया हाउस हैं, दैनिक भास्कर और भारत समाचार के। खबरों के मुताबिक आईटी डिपार्टमेंट ने दैनिक भास्कर के मध्य प्रदेश समेत अलग अलग राज्यों के 40 ठिकानों पर रेड मारी गई। जिसमें भोपाल, जयपुर, अहमदाबाद, नोएडा और कुछ दूसरे ठिकानों शामिल रहे। 

इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मशहूर न्यूज चैनल भारत समाचार से भी जुड़ी ऐसी ही खबर सामने आई। भारत समाचार चैनल के कार्यालय के अलावा मुख्य संपादक बृजेश मिश्रा और स्टेट हेड वीरेंद्र सिंह और दूसरे कर्मचारियों के घर पर भी छापेमारी हुई। दोनों मीडिया ग्रुप पर लिए गए इस एक्शन पर अब तक आयकर विभाग की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया। 

छापेमारी पर उठने लगे सवाल

वहीं सोशल मीडिया पर दैनिक भास्कर और भारत समाचार पर की गई इस कार्रवाई को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष से लेकर आम लोग तक IT विभाग की छापेमारी की आलोचना कर रहे हैं। विपक्ष छापेमारी के इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर हो गया है। विपक्षी नेताओं का ये आरोप है कि सरकार मीडिया को डराने-धमकाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रही है। 

वो ये भी कहते नजर आ रहे हैं कि क्योंकि कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान इन मीडिया ग्रुप ने सरकार की नाकामियों की पोल खोली थी, इसलिए ये छापे मारे गए। 

विपक्ष ने सरकार पर जमकर हमला बोला

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने छापेमारी को मीडिया को डराने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ये साफ संदेश दे रही है कि जो भी बीजेपी की सरकार के खिलाफ बोलेगा, वो बख्शा नहीं जाएगा। केजरीवाल ने ये भी कहा कि इस तरह की सोच काफी खतरनाक है। जिसके खिलाफ सभी को आवाज उठानी चाहिए। 

बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इसे लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास बताया। तो वहीं यूथ कांग्रेस के नेशनल प्रेसिडेंट श्रीनिवास बी वी ने पूछा कि कुर्सी पर बैठे लोग, इतना डरते क्यों है? साथ ही उन्होंने एक सवाल ये भी किया कि क्या आज से दैनिक भास्कर भी देशद्रोही कहलाएगा? 

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने छापेमारी पर ट्वीट करते हुए कहा कि मोदी सरकार अपनी आलोचना बर्दाश्त नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से मोदी सरकार मीडिया को दबाकर ये संदेश देना चाहती है कि अगर गोदी मीडिया नहीं बनेंगे, तो आवाज कुचल दी जाएगी। इसके अलावा RJD के ऑफिशियल अकाउंट से दोनों मीडिया समूह पर मारी गई इस रेड की निंदा की। RJD ने कहा कि शीर्ष सत्ता पर जो तानाशाह बैठे हैं, वो अंदर से काफी डरपोक हैं। सच से वो बहुत डरते हैं।

संसद में भी गूंजा मुद्दा

सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं दैनिक भास्कर पर छापेमारी की गूंज संसद तक में सुनाई दी। कांग्रेस समेत दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने इस मुद्दे को संसद में उठाया और इस पर जोरदार हंगामा भी हुआ। जिसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित करने पड़ी। 

सच्ची पत्रकारिता से डरी सरकार?

दैनिक भास्कर और भारत समाचार पर की गई इस छापेमारी पर सवाल इसलिए उठ रहे है, क्योंकि ये दोनों ही चैनल अपनी धारदार रिपोर्टिंग के लिए सुर्खियों में बने में हुए थे। खासतौर पर कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान दैनिक भास्कर की तमाम रिपोर्ट काफी वायरल हो रही थीं। जिसमें कोरोना से हुई मौतों से लेकर ऑक्सीजन की कमी और गंगा किनारे मिले लाशों पर रिपोर्ट छापी।

छापेमारी पर भी दैनिक भास्कर का कहना है कि सच्ची पत्रकारिता से डर गई सरकार। दैनिक भास्कर ने इसको लेकर कहा- ‘सच्ची पत्रकारिता से डरी सरकार: गंगा में लाशों से लेकर कोरोना से मौतों के सही आंकड़े देश के सामने रखने वाले भास्कर ग्रुप पर सरकार की दबिश।’

वहीं भारत समाचार भी यूपी का एक काफी प्रतिष्ठित चैनल है। जो उत्तर प्रदेश से जुड़ी तमाम खबरें जनता के लिए लेकर आता है। भारत समाचार की पहचान भी एक उस तरह के चैनल के तौर पर होती है, जो बिना किसी दबाव के, बिना डरे अपना काम करता है। भारत समाचार भी कोरोना की सेकेंड वेव के दौरान हुए मिसमैनजमेंट को लेकर सवाल उठा रहा था यही वजह है कि इन दोनों मीडिया समूह पर मारी गई रेड पर सवाल उठाए जा रहे हैं। 

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