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नौकरी के लालच में आकर ये कैसे दलदल में फंसते जा रहे हैं भारतीय लोग, ये गरीब देश दे रहा है झांसा

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 03 Sep 2024, 12:00 AM | Updated: 03 Sep 2024, 12:00 AM

Laos Cyber Scam details in Hindi – भारतीयों में बेरोजगारी का स्तर बढ़ता जा रहा है जिसकी वजह से कई लोग बेहतर जिंदगी की उम्मीद में अलग-अलग देशों में काम करने जाते हैं। लेकिन कई बार वो दूसरे देशों में नौकरी पाने के जाल में फंस जाते हैं और उनके साथ बड़ी ठगी हो जाती है जिसकी उन्हें भनक तक नहीं लगती। दरअसल, ऐसा ही एक मामला अब साउथ ईस्ट ऑफ एशिया में भारत से करीब 1721 किलोमीटर दूर 75 लाख की आबादी वाले छोटे से देश लाओस से आ रहा है। यहां अच्छी नौकरी के लालच में कई भारतीय ठगी के जाल में फंस चुके हैं। भारतीय दूतावास ने पिछले कई महीनों से लाओस में ऐसे ही एक जाल में फंसे 47 भारतीयों को साइबर स्कैम सेंटर से बचाया है। ये लोग लाओस के बोकेओ प्रांत में फंसे हुए थे।

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635 भारतीयों को बचाया – Laos Cyber Scam

लाओस से इतने सारे भारतीयों को बचाया जाना पहली बार नहीं है। पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। भारतीय दूतावास द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, लाओस में काम करते समय धोखा खाने और दुर्व्यवहार का शिकार हुए 635 भारतीयों को अब तक बचाया जा चुका है। आईए आपको “साइबर स्कैम सेंटर” के बारे में बताते हैं और यह भी बताते हैं कि कैसे भारतीय इसके शिकार बन रहे हैं।

इस मामले को लेकर भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि “इनमें से 29 को लाओस के अधिकारियों ने गोल्डन ट्राइंगल एसईजेड में अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई के बाद दूतावास को सौंप दिया था, जबकि अन्य 18 ने मुसीबत में होने के बारे में दूतावास से संपर्क किया था।”

पासपोर्ट जब्त करते थे ठग

मीडिया सूत्रों से पता चलता है कि साइबर स्कैमर्स लाओस (Laos Cyber Scam details in Hindi) में बहुत सक्रिय हैं। ये लोग भारत जैसे आस-पास के देशों से आने वाले आगंतुकों को लुभाने के लिए फर्जी जॉब पोस्टिंग का इस्तेमाल करते हैं। जब कोई व्यक्ति आता है, तो उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया जाता है और साइबर स्कैमरी का खेल शुरू हो जाता है। काम की तलाश में लाओस जाने वाले लोग अक्सर खुद को तब फंसते हुए पाते हैं जब उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते हैं और उनके लिए देश से बाहर निकलना असंभव हो जाता है।

ऐसे कराते हैं साइबर फर्जीवाड़ा – Laos Cyber Scam

जो लोग रोजगार की तलाश में दूसरे एशियाई देशों से लाओस आते हैं, उन्हें शुरू में डेटिंग ऐप पर किसी लड़की की सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल बनाने के लिए फर्जी फोटो का उपयोग करना पड़ता है। फिर उनसे साइबर धोखाधड़ी करने के लिए कहा जाता है। जो लोग बुरी तरह से फंस जाते हैं, उन्हें एक टारगेट सौंपा जाता जाता है। जो लोग वहां फंस जाते हैं, वे डेटिंग ऐप पर लड़कों से बातचीत करने के लिए लड़कियों के रूप में पेश आते हैं। जब उन्हें लगता है कि टारगेट उनकी बातों में आ गया है, तो वे अपने सामने वाले व्यक्ति को बिटकॉइन ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए राजी कर लेते हैं। इस तरह से ये स्कैम चलता था।

भारतीय नागरिकों की तस्करी का मुद्दा

बात दें, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले महीने लाओस के प्रधानमंत्री सोनेक्सय सिफानडोन के साथ दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश की यात्रा के दौरान भारतीय नागरिकों की तस्करी के मुद्दे पर चर्चा की थी। इसके बाद, लाओस में भारतीय दूतावास ने पिछले महीने 13 भारतीयों को बचाकर उनके देश वापस भेजा।

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