India US Trade: 50% से घटकर 10-15% हो सकता है ट्रंप का टैरिफ, भारत को अमेरिका से बड़ी खुशखबरी मिलने की उम्मीद!

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 19 Sep 2025, 12:00 AM | Updated: 19 Sep 2025, 12:00 AM

India US Trade: भारत के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है, जिसे लेकर देश के व्यापार और अर्थव्यवस्था में नई उम्मीदें जगी हैं। भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार, वी. अनंत नागेश्वरन ने गुरुवार को बताया कि अमेरिका जल्द ही भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 25% पेनल्टी टैरिफ को हटा सकता है। इसके साथ ही, भारत पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को भी घटाकर 10-15% करने की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है, तो यह भारत के लिए दोगुनी खुशखबरी साबित हो सकती है, क्योंकि इससे अमेरिका में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी और भारत का निर्यात भी तेज़ी से बढ़ सकता है।

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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता जारी- India US Trade

वी. अनंत नागेश्वरन ने आगे कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों को लेकर बातचीत जारी है। नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच व्यापार समझौते की प्रक्रिया अभी भी जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 8-10 सप्ताह में शुल्क संबंधित समस्याओं का समाधान निकल सकता है। यह बातचीत हाल ही में दिल्ली में अमेरिकी और भारतीय प्रतिनिधियों के बीच हुई थी, जो करीब सात घंटे तक चली। हालांकि, यह बैठक आधिकारिक नहीं थी, लेकिन दोनों देशों के बीच सकारात्मक बातचीत के बाद यह आशा जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच एक नई व्यापार डील जल्द ही हो सकती है।

भारत के निर्यात पर टैरिफ का असर

अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च टैरिफ का सबसे अधिक प्रभाव भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्रों पर पड़ा है। वर्तमान में अमेरिका को भारतीय निर्यात का लगभग 55% हिस्सा उच्च टैरिफ के तहत आता है, जिनमें कपड़ा, रसायन, समुद्री भोजन, जेम्स एंड ज्वेलरी और मशीनरी जैसे प्रमुख सेक्टर्स शामिल हैं। पिछले महीने, यानी अगस्त में, अमेरिका का निर्यात घटकर 6.87 अरब डॉलर पर आ गया था, जो पिछले 10 महीने में सबसे कम था। इस स्थिति को लेकर भारत के व्यापारियों में चिंता थी, लेकिन टैरिफ में कमी से इन्हें राहत मिल सकती है।

अमेरिका-भारत के द्विपक्षीय व्यापार संबंध

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार बना हुआ है। 2024-25 वित्तीय वर्ष के दौरान, भारत ने अमेरिका को कुल 86.51 अरब डॉलर का माल निर्यात किया और 40.82 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष बनाए रखा। अगर अमेरिका अपनी पेनल्टी टैरिफ और रेसिप्रोकल टैरिफ में कमी करता है, तो इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी और दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में भी सुधार होगा। भारत के लिए यह आर्थिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

ट्रंप का भारत पर टैरिफ लगाने का कारण

इस मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया, जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत पर टैरिफ लगाए जाने का कारण बताया। ट्रंप ने कहा, “मैंने भारत पर टैरिफ इसलिए लगाए क्योंकि मैं चाहता था कि रूस यूक्रेन युद्ध को समाप्त करे। अगर वैश्विक तेल की कीमतें गिरती हैं, तो रूस समझौता कर सकता है।” हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि वह भारत के बहुत करीब हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अच्छे संबंध रखते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि उन्होंने पीएम मोदी को फोन करके उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

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