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फिलीपींस के साथ भारत ने किया BrahMos Deal, तो चीन ने भी कर डाला ये काम

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 22 Jan 2022, 12:00 AM | Updated: 22 Jan 2022, 12:00 AM

भारत ने फिलीपींस के साथ एक डील किया जिसके तुरंत बाद ही चीन के कान खड़े हो गए और उसने भी कुछ ऐसा कर दिया जिससे फिलीपींस की तो लॉटरी ही लग गयी। क्या हुआ है आइए विस्तार से जानते हैं। सुपर सोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के निर्यात की डील को भारत ने फाइनल की है जिसके जवाब में चीन ने 20 मिलियन डॉलर की सैन्य सहायता फिलीपींस को दी है। 16 जनवरी को मनीला यानी कि फिलीपींस की राजधानी को चीन ने रक्षा उपकरण दे दिए। देखने वाली बात ये है कि चीन ने फिलीपींस को ये सहायता फिलीपींस की उस घोषणा के महज दो दिन बाद ही दी जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली की तीन बैटरियों की खरीद के लिए आगे आने की फिलीपींस ने घोषणा की। 

चीन द्वारा दान दिए रक्षा उपकरणों में क्या क्या शामिल है ये जान लेते हैं। तो ये उपकरण हैं- बचाव और राहत उपकरण, ड्रोन सिस्टम, डिटेक्टर, जल शोधन वाहन, एम्बुलेंस, फायरट्रक, एक्स-रे मशीन, परिवहन वाहन, ईओडी रोबोट, बम डिस्पोजल सूट, इंजीनियरिंग उपकरण, डंप ट्रक, फोर्कलिफ्ट और अर्थमूवर। जल्दी ही सैन्य सामानों की दूसरी खेप पहुंचाई जाएगी।

375 मिलियन डॉलर का सौदा भारत ने किया था

ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति के लिए भारत ने हाल ही में फिलीपींस से 375 मिलियन डॉलर का रक्षा निर्यात सौदा हासिल किया था। जो कि अब तक का उसका सबसे बड़ा रक्षा निर्यात सौदा है। वहीं, फिलीपींस के मीडिया आउटलेट इन्क्वायरर पर गौर करें तो  रक्षा सचिव डेल्फिन लोरेंजाना के मुताबिक चीनी समकक्ष जनरल वेई फेनघे ने दान का वादा उनके 2020 में मनीला टूर के वक्त किया था। लोरेंजाना का कहना है कि यह एक बड़ी मदद है। जिससे देश के कुछ बड़े उपकरणों की कमी को पूर किया जा सका। 

दरअसल, फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के मौजूदा लीडरशीप में मनीला और बीजिंग ने अपने रिलेशन को आगे किया है। दक्षिण चीन सागर में चीन के दावे को साल 2016 में क्षेत्रीय अधिकारों पर खारिज करने वाले एक international tribunal के फैसले के बाद भी दुतेर्ते नेतृत्व ने चीन के प्रति नरम नजरिए पर जोर दिया है। कहते हैं कि दुतेर्ते का नरम रवैया ऋण और निवेश के बदले में है।

दरअसल, फिलीपींस में प्रेसिडेंट इलेक्शन होने को है जिसके मद्देनजर चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने हाल ही में अगले नेता से दुतेर्ते की फॉरन पॉलिसी को जारी रखने के लिए रिक्वेस्ट किया। वांग यी का कहना है कि दोनों देशों के उद्देश्य को दुतेर्ते की फॉरन पॉलिसी ने पूरा किया है। दुतेर्ते साल 2016 में राष्ट्रपति बने हैं और उनको देश की एक कार्यकाल की सीमा के तहत मई में चुनाव के बाद अपने को पद छोड़ देंगे।

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