Himachal-Uttarakhand Cloudburst: मॉनसून की तबाही: पहाड़ों में बर्फ नहीं, बरस रही है आफत और उफनते नदियों का रौद्र रूप

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 06 Jul 2025, 12:00 AM | Updated: 06 Jul 2025, 12:00 AM

Himachal-Uttarakhand Cloudburst: उत्तर भारत के पहाड़ों में जब मॉनसून आता है, तो यह सिर्फ ठंडी हवा और बारिश नहीं लाता, बल्कि यह खूबसूरत वादियों को तबाही के मंजर में भी बदल देता है। पहाड़ों की घनी हरियाली और मनमोहक नदियां अब संकट की घंटी की तरह बज रही हैं। कभी बादल पहाड़ों पर दबे पांव आते हैं तो कभी फूलों को चूमते हैं, नदियों की लहरों के साथ गाते हैं, लेकिन जैसे ही मॉनसून की बारिश होती है, यह हर दृश्य नष्ट कर देता है। पहाड़ों में गिरती बारिश का यह मंजर जैसे कोई पुराना हिसाब चुकता करने जैसा लगता है। आसमान अपनी पूरी ताकत को संजोकर पहाड़ों पर टूटकर बरसता है, मानो कह रहा हो, “देखो, मेरी ताकत।”

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हिमाचल प्रदेश में जल प्रलय- Himachal-Uttarakhand Cloudburst

हिमाचल प्रदेश के कसो में भारी बारिश ने जल प्रलय का रूप ले लिया है। उफनती नदियों का बहाव इतना तेज हो गया है कि गाड़ी जैसे भारी-भरकम सामान भी माचिस की तरह बहकर चला जा रहा है। भारी बारिश के कारण धर्मशाला में नदियों और नालों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। प्रशासन ने लोगों को नदियों और नालों से दूर रहने की सलाह दी है, क्योंकि इनकी लहरों का रुख किसी भी वक्त और भी विकराल हो सकता है।

केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन

उत्तराखंड के केदारनाथ मार्ग पर मुनकटिया के पास भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ। मलबा और पत्थर केदारनाथ मार्ग पर गिरने से यातायात अवरुद्ध हो गया। इस कारण सोनप्रयाग शटल पुल के पास यातायात पूरी तरह से रुक गया। केदारनाथ की ओर जाने वाले तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया गया है। भारी बारिश के कारण तीर्थयात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है।

चमोली में मार्ग अवरुद्ध

चमोली जिले में नंदप्रयाग-नंदा नगर मार्ग पर मंगरोली के पास भूस्खलन हुआ, जिससे मार्ग पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो गया। एक वाहन कीचड़ में फंस गया, हालांकि चालक सुरक्षित बच गया। लेकिन रातभर लगातार बारिश के बाद मलबा बहता रहा, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। यह स्थिति यात्रियों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। राहत कार्यों के लिए प्रशासन ने टीमों को सक्रिय किया है ताकि यातायात को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।

कुल्लू में बादल फटना

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की सैंज घाटी के सिउंड में कल बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ के कारण एक निजी बिजली परियोजना से संबंधित अस्थायी शेड और एक आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। बादल फटने से इलाके में मलबा और कीचड़ से सड़कों पर पानी भर गया और राहत कार्यों में बाधा उत्पन्न हो गई। क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि प्रशासन को तात्कालिक रूप से राहत कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन भेजने पड़े।

मंडी में ब्यास नदी का रौद्र रूप

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भी लगातार भारी बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पूरे इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। नदी के रौद्र रूप ने क्षेत्र के कई इलाकों को प्रभावित किया है, जिससे स्थानीय लोग चिंतित हैं। बारिश के कारण नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, और प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दे रहा है।

सैंज घाटी में मलबा और कीचड़

सैंज घाटी में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने पूरे इलाके को मलबा और कीचड़ से भर दिया है। बाढ़ के बाद स्थिति ऐसी हो गई है कि सड़कों पर चलना भी मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने क्षेत्र में राहत कार्यों की गति बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

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