Ghaziabad Fake Medicine Syndicate: गाजियाबाद पुलिस ने नकली लिव-52 टैबलेट्स बनाने वाले बड़े रैकेट का किया पर्दाफाश, 50 हजार टैबलेट्स बरामद 

Nandani | Nedrick News

Published: 09 Feb 2026, 09:32 AM | Updated: 09 Feb 2026, 09:44 AM

Ghaziabad Fake Medicine Syndicate: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पुलिस ने नकली दवा बनाने और सप्लाई करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। जांच में पता चला कि गिरोह सोनीपत की एक लैब में हिमालयन लिव-52 जैसी नामी दवा की नकली टैबलेट्स तैयार कर रहा था। इन दवाओं को अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, आगरा, मेरठ, शामली और आसपास के कई जिलों में सप्लाई किया जा रहा था।

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पांच आरोपी गिरफ्तार, एक पैरामेडिकल छात्र भी शामिल | Ghaziabad Fake Medicine Syndicate

पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मोदीनगर के तिबड़ा रोड निवासी मयंक अग्रवाल, दिल्ली के उत्तम नगर निवासी अनूप गर्ग, सुभाषनगर निवासी तुषार ठाकुर, हिंडन विहार निवासी आकाश ठाकुर और निवाड़ी निवासी नितिन त्यागी शामिल हैं। इनमें से तुषार ठाकुर एक पैरामेडिकल छात्र है। आरोपियों के कब्जे से 50 हजार नकली टैबलेट्स, 1200 सफेद डिब्बियां और ढक्कन, 500 प्रिंटेड रैपर और एक कार बरामद हुई है।

हिमालयन वैलनेस कंपनी के नाम पर धोखाधड़ी

जांच में सामने आया कि यह गिरोह हिमालयन वैलनेस कंपनी के नाम का इस्तेमाल करके अवैध तरीके से नकली दवाओं की बिक्री कर रहा था। जनवरी में कंपनी की शिकायत के बाद मुरादनगर थाने में धोखाधड़ी और कॉपीराइट एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ। कंपनी के प्रतिनिधियों को अलीगढ़ से फर्जी टैबलेट्स बेचे जाने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने रैकेट का खुलासा किया।

पैकेजिंग और प्रोडक्शन का पूरा जाल

आरोपियों ने करीब चार महीने पहले यह धंधा शुरू किया था। सोनीपत की सुबको लैबोरेट्रीज में लिव-52 की नकली टैबलेट्स बनती थीं। सफेद डिब्बियां और ढक्कन मेरठ के एकता प्लास्टिक उद्योग से, रैपर खैरनगर चौपला के पास मुज्जमिल की प्रिंटिंग प्रेस से और डाई बनाने की मशीन शकील जमनानगर नवीन मंडी से तैयार की जाती थी। गिरोह में काम बांटा गया था: नितिन त्यागी का मोदीनगर में मेडिकल स्टोर, मयंक अग्रवाल पूर्व मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, अनूप गर्ग मयंक का रिश्तेदार, तुषार ठाकुर पैरामेडिकल छात्र और आकाश ठाकुर सप्लाई में मदद करता था।

ड्रग कंट्रोल विभाग की प्रतिक्रिया

ड्रग इंस्पेक्टर आशुतोष मिश्रा ने बताया कि विभाग लगातार नकली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। हाल के महीनों में कई मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। हालांकि, गाजियाबाद में नकली दवाओं का कारोबार बढ़ता जा रहा है। लोनी, खेड़ा और इंदिरापुरम जैसे इलाकों में छोटी इकाइयों में कैंसर दवाओं और प्रतिबंधित कफ सिरप जैसी नकली दवाएं बनाई जा रही हैं और उत्तर भारत में सप्लाई हो रही हैं।

पुलिस की जांच जारी

डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि पूरे गिरोह के संबंध और सप्लाई चैन का पता लगाया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज़ी से की जाएगी और नकली दवाओं के पूरे जाल को उजागर करने के लिए और छापेमारी की जाएगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे रैकेटों को बख्शा नहीं जाएगा क्योंकि यह आम लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा हैं।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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