फारूक अब्दुल्ला ने तालिबान से अच्छा शासन चलाने की जताई उम्मीद, तो भड़क उठी बीजेपी, कहा…

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 08 Sep 2021, 12:00 AM | Updated: 08 Sep 2021, 12:00 AM

अफगानिस्तान में वो दौर फिर लौट आया है, जब वहां की सत्ता पर तालिबान काबिज था। बंदूक और हिंसा के दम पर तालिबान ने अफगान पर कब्जा जमाया और अब आखिरकार वहां अपनी सरकार बना ही ली। मंगलवार शाम को ही तालिबान ने सरकार बनाने का ऐलान किया। 

जहां एक ओर तालिबान की वापसी से कई लोग फ्रिकमंद हैं। तालिबान सरकार बनाने के बाद अब आगे क्या करेगा, इसकी चिंता सबको सता रही है? वहीं इस बीच कुछ लोग इस दौरान तालिबान का समर्थन में भी उतरकर आगे लगे हैं। 

तालिबान पर फारूक का बड़ा बयान

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने तालिबान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। दरअसल, फारूक अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई है कि तालिबान अब अफगानिस्तान में अच्छा शासन करेगा। 

दरअसल, मीडिया से बातचीत करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने तालिबान के मुद्दे पर राय रखी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान एक अलग मुल्का है। उस मुल्क को अब उन्हें (तालिबान) को संभालना है। मुझे यही उम्मीद है कि वो सबी के साथ इंसाफ करेंगे और अच्छी हुकुमत चलाएंगे। वो इस्लामिक उसूलों पर एक अच्छी सरकार चलाएंगे। उनको ये कोशिश करनी चाहिए कि वो हर मुल्क के साथ अच्छे संबंध बनाएं। 

वो तालिबान जिसे क्रूरता का दूसरा नाम कहे तो गलत नहीं होगा। उसने किस तरह से अफगानिस्तान की कमान अपने हाथों में की है, उससे हर कोई वाकिफ है। तालिबान के आते ही जिस तरह से महिलाओं की आजादी छीन जाती है, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किए जाते हैं, जगह-जगह से झकझोंर देने वाली घटनाएं सामने आना आम बात हो जाती है। यही वजह है कि फारूक अब्दुल्ला के इस बयान पर बवाल मचना शुरू हो गया। 

बीजेपी ने बयान को लेकर साधा निशाना

बीजेपी उनके इस बयान पर भड़कती हुई नजर आ रही है। जम्मू-कश्मीर और के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता निर्मल सिंह ने फारूक अब्दुल्ला के बयान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तालिबान महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार कर रहा है, लेकिन फारूक अब्दुल्ला उसका ही पक्ष ले रहे हैं। 

निर्मल सिंह आगे बोले कि फारूक अब्दुल्ला को सिर्फ को सिर्फ उन देशों में ही सेक्युलिरिज्म चाहिए, जहां मुस्लिम अल्पसंख्यक हैं। लेकिन जहां मुसलमान बहुसंख्यक हैं, वहां पर इस्लामिक नियम चाहते हैं।

वहीं फारूख अब्दुल्ला के इस बयान से पहले उमर अब्दुल्ला ने तालिबान पर बयान दिया था। उन्होंने सरकार से तालिबान के मुद्दे पर अपना स्टैंड करने को कहा था। उमर ने कहा था कि तालिबान आतंकी संगठन है या नहीं केंद्र इस पर स्थिति साफ करे।

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