जेवर एयरपोर्ट रैपिड रेल कॉरिडोर की वजह से टूट सकता है प्रताप विहार में रह रहे लोगों का आशियाना

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 18 Jan 2024, 12:00 AM | Updated: 18 Jan 2024, 12:00 AM

उत्तर प्रदेश में बन रहे जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का काम बड़े पैमाने पर चल रहा है. ये एअरपोर्ट जहाँ कई सारी सुविधाओं से लैस होगा तो वहीं एअरपोर्ट को रैपिड रेल से कनेक्ट करने के लिए कॉरिडोर बनाया जा रहा है लेकिन इस कॉरिडोर के बनने की वजह से प्रताप विहार में रह रहे लोगों का आशियाना टूट सकता है.

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कॉरिडोर की वजह से टूटेगा लोगों का आशियाना 

दरअसल, बुधवार को प्रताप विहार सेंटर फॉर एनवायरनमेंट रिसर्च एंड डिवेलपमेंट की टीम ने एक सर्वे किया. एअरपोर्ट से रैपिड रेल कॉरिडोर बनाए जाने के लिए प्रताप विहार के सेक्टर-12 ए ब्लॉक में सर्वे शुरू किया तो पता चला कि यहां 70 से अधिक फ्लैट इस कॉरिडोर की वजह से टूट सकते हैं.

निवासियों ने किया कॉरिडोर के खिलाफ विरोध

वहीं इस सर्वे की खबर आने के बाद यहाँ पर रह रहे निवासियों ने इस कॉरिडोर के खिलाफ विरोध करना शुरू कर दिया है. वहीं सर्वे करने आई टीम के साथ काफी लंबे समय से अलाइनमेंट को दूसरी तरफ से किए जाने को लेकर बहस भी हुई. सर्वे करने आई टीम ने बताया कि इसके जरिए ही पता किया जाएगा कि कॉरिडोर के बनने से सोशल इंपैक्ट क्या होगा.

वहीं टीम ने कहा कि इसे सर्वे की रिपोर्ट में जिक्र किया जाएगा. फिलहाल आनन- फानन में आरडब्ल्यूए के जनरल बॉडी की मीटिंग हुई. मीटिंग के निर्णय के आधार पर एनसीआरटीसी के एमडी और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ को पत्र लिखकर अपनी समस्या के बारे में बताया गया है. साथ ही, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्र सरकार के हाउसिंग एवं अर्बन अफेयर के मंत्री को पत्र लिखा गया है. परेशान लोगों ने जीडीए के अधिकारियों से मुलाकात करके इस मसले पर बातचीत की है. लेकिन, जीडीए से उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका.

250 से 300 परिवारों पर आई मुसीबत 

रिपोर्ट के अनुसार, इस ब्लॉक के निवासियों ने बताया कि जीडीए के भूखंड पर फ्लैट और भवन का निर्माण किया गया है. इसमें करीब 70 से 80 फ्लैट और घर होंगे. 250-300 परिवारों के सामने मानवीय समस्या खड़ी हो गई है. निवासियों ने बताया कि 13 और 14 जनवरी को सर्वे टीम के डॉ. एसकेजैन ने साइट का निरीक्षण किया और बातचीत में गाजियाबाद को जेवर से जोड़ने वाली रैपिड मेट्रो रेल का ले-आउट प्लान/रूट दिखाया. वहीं इस दौरान उन्हें पता चला कि जहां पर भवन और फ्लैट का निर्माण हुआ, वहां से यह कॉरिडोर गुजर रहा है. जिसकी वजह से 250 से 300 परिवारों पर बड़ी मुसीबत आ सकती है.

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