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Drishti IAS News: 216 सेलेक्शन का दावा निकला हवा-हवाई, दृष्टि IAS पर गिरी CCPA की गाज, ठोका 5 लाख का जुर्माना

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 03 Oct 2025, 12:00 AM | Updated: 03 Oct 2025, 12:00 AM

Drishti IAS News: यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के नाम और तस्वीरों के जरिए भ्रामक प्रचार कर छात्रों को लुभाने वाली कोचिंग संस्थानों की पोल एक बार फिर खुल गई है। इस बार केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने दृष्टि IAS (VDK Eduventures Pvt Ltd) पर सख्त कार्रवाई करते हुए 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कारण? UPSC सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2022 के नतीजों को लेकर किए गए एक विज्ञापन में तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा गया और छात्रों को भ्रमित किया गया।

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क्या था मामला? Drishti IAS News

दृष्टि IAS ने अपने विज्ञापन में बड़े-बड़े अक्षरों में दावा किया कि उसके संस्थान से “216+ चयन” हुए हैं। विज्ञापन में सफल उम्मीदवारों की तस्वीरें और नाम भी छापे गए। लेकिन जब CCPA ने इसकी पड़ताल की, तो सामने आया कि इनमें से 162 उम्मीदवार सिर्फ फ्री इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम (IGP) का हिस्सा थे यानी वे पहले ही UPSC की प्रीलिम्स और मेन्स पास कर चुके थे और केवल इंटरव्यू से पहले इस फ्री गाइडेंस से जुड़े।

बाकी 54 उम्मीदवार ही ऐसे थे जिन्होंने संस्थान के नियमित कोर्सों में नामांकन कराया था। ऐसे में संस्थान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि जिन छात्रों को अपने सेलेक्शन में गिनाया जा रहा है, वे कितनी अवधि तक और किस कोर्स का हिस्सा थे। नतीजतन, यह दावा ‘भ्रामक विज्ञापन’ की श्रेणी में आ गया, जो कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(28) का उल्लंघन है।

पुराना दोष दोहराया

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब दृष्टि IAS को ऐसा करते पकड़ा गया हो। सितंबर 2024 में भी CCPA ने UPSC CSE 2021 के नतीजों को लेकर “150+ चयन” का दावा करने पर संस्थान पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। उस समय संस्थान की दी गई लिस्ट में 161 छात्रों के नाम थे, जिनमें से 148 सिर्फ IGP में शामिल हुए थे।

इसके बावजूद, 2022 में संस्थान ने दावा और बढ़ा दिया और फिर वही तरीका अपनाया बिना पूरी जानकारी दिए हुए ‘सेलेक्शन’ की संख्या को मार्केटिंग टूल बना दिया। CCPA ने इसे नियमों की खुली अवहेलना करार दिया।

छात्रों के साथ खिलवाड़

CCPA का कहना है कि इस तरह के विज्ञापन सीधे-सीधे छात्रों और उनके अभिभावकों के “इनफॉर्म्ड डिसीजन” लेने के अधिकार का हनन करते हैं। यानी छात्र जब ये विज्ञापन देखते हैं, तो उन्हें लगता है कि संस्थान की वजह से ही ये सफलताएं मिलीं, जबकि हकीकत इससे अलग होती है। इससे उनके करियर से जुड़ा फैसला गलत दिशा में जा सकता है।

चेतावनी बाकी संस्थानों के लिए भी

CCPA अब तक 54 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी कर चुका है, जिनमें से 26 पर कुल 90.6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अब कोचिंग संस्थानों को पारदर्शिता रखनी होगी और तथ्य छुपाने या बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की प्रवृत्ति से बचना होगा।

छात्रों के भविष्य के साथ खेलने वाली इस प्रवृत्ति पर लगाम लगाने के लिए CCPA लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। उम्मीद है कि इस कार्रवाई से कोचिंग इंडस्ट्री में कुछ हद तक सुधार आएगा और छात्रों को सही जानकारी मिल पाएगी, जिससे वे अपने भविष्य को लेकर समझदारी से निर्णय ले सकें।

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