Delhi CM Rekha Gupta: राजधानी में बीजेपी की सरकार को आज एक साल पूरा हो गया। 20 फरवरी 2026 को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने करीब तीन दशक बाद दिल्ली की कमान संभाली थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए पहले साल को “तैयारी का साल” बताया। वहीं विपक्ष, खासकर आम आदमी पार्टी, ‘वादे अधूरे, हालात वही’ अभियान चलाकर सरकार पर सवाल उठा रही है। तो एक साल में दिल्ली कितनी बदली और क्या अब भी बाकी है?
पहले साल की बड़ी उपलब्धियां (Delhi CM Rekha Gupta)
सरकार का कहना है कि कई अहम फैसले जमीन पर उतारे गए। सबसे पहले कैबिनेट में Ayushman Bharat Yojana को मंजूरी दी गई। अब तक करीब 30 हजार से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ ले चुके हैं। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee की जयंती पर ‘अटल कैंटीन’ की शुरुआत की गई। यहां जरूरतमंदों को 5 रुपये में पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। फिलहाल करीब 70 अटल कैंटीन रोजाना लगभग 70 हजार लोगों को खाना परोस रही हैं।
बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर 180 किलोमीटर नई सीवर लाइनें बिछाने और 144 परियोजनाओं के टेंडर जारी करने का दावा किया गया है। 105 MGD क्षमता वाला चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अपने अंतिम चरण में है, जिससे 10 विधानसभा क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलने की बात कही जा रही है। बजट भी 75 हजार करोड़ से बढ़ाकर 1 लाख करोड़ कर दिया गया।
सरकार का दावा है कि जलभराव वाले इलाकों की पहचान कर सुधार किया गया, जिसका असर मिंटो ब्रिज जैसे इलाकों में देखने को मिला, जहां भारी बारिश के बावजूद पानी नहीं भरा।
परिवहन और सामाजिक योजनाएं
दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में 1700 नई बसें जोड़ी गईं, जिनमें 500 इलेक्ट्रिक बसें हैं। महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा को लेकर ‘पिंक स्मार्ट कार्ड’ पर काम शुरू हुआ है।
सामाजिक कल्याण के तहत बुजुर्गों के लिए वंदना योजना और निर्माण श्रमिकों को वित्तीय सहायता दी गई। JJ क्लस्टर के विकास के लिए 700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर रोक लगाने के लिए विधेयक लाया गया और 53 नई फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित की गईं।
अधूरे वादों पर विपक्ष का हमला
हालांकि कई बड़े चुनावी वादे अब भी पूरे नहीं हो पाए हैं। सबसे बड़ा वादा था कि हर महिला को 2500 रुपये महीना देने की ‘महिला सम्मान योजना’। इसके लिए 5100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया, लेकिन जमीन पर योजना लागू नहीं हो सकी।
यमुना की सफाई भी एक बड़ा मुद्दा है। सरकार ने एक साल में इतना सुधार करने का वादा किया था कि क्रूज टूरिज्म शुरू हो सके। क्रूज तो दिल्ली पहुंच चुका है, लेकिन यमुना की सफाई की रफ्तार पर सवाल उठ रहे हैं।
कचरे के पहाड़ खत्म करने का लक्ष्य 2026 तय किया गया है, पर अभी तक ठोस नतीजे नहीं दिखे। 1100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने का वादा भी अधूरा है। AAP सरकार के मोहल्ला क्लीनिक मॉडल को बंद कर नई व्यवस्था शुरू की गई, लेकिन अब तक सिर्फ 370 आरोग्य मंदिर ही बन पाए हैं।
वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन 2000 से बढ़ाकर 2500 और 3000 रुपये करने का वादा भी अधूरा है। गरीब महिलाओं को साल में दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का प्रस्ताव कैबिनेट से पास होने के बावजूद लागू नहीं हुआ।
वादों की स्थिति एक नजर में
- महिलाओं को ₹2500: लागू नहीं
- मुफ्त LPG सिलेंडर: लागू नहीं
- पेंशन वृद्धि: अधूरा
- 1100 आरोग्य मंदिर: 370 पूरे
- आयुष्मान भारत: शुरू, पूरी तरह लागू नहीं
- अटल कैंटीन: 70 से ज्यादा चालू
- यमुना सफाई: धीमी प्रगति






























