Congress MLA Sukhpal Singh Khaira: पंजाब के कपूरथला जिले के भोलाथ विधानसभा क्षेत्र के रामगढ़ गांव में जिला प्रशासन की एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। कार्रवाई के दौरान कांग्रेस विधायक Sukhpal Singh Khaira के घर के पास बना गेट और ढांचे का एक हिस्सा गिरा दिया गया। खैरा ने आरोप लगाया है कि यह कदम बिना किसी पूर्व नोटिस और कानूनी प्रक्रिया के उठाया गया।
“बिना नोटिस, सीधे कार्रवाई” (Congress MLA Sukhpal Singh Khaira)
खैरा का कहना है कि प्रशासन भारी पुलिस बल के साथ पहुंचा और सीधे तोड़फोड़ शुरू कर दी। उनके मुताबिक, न तो पहले कोई नोटिस दिया गया और न ही उन्हें अपनी बात रखने का मौका मिला। उन्होंने दावा किया कि जिस हिस्से को गिराया गया, वह उनके पुश्तैनी घर का भाग है, जहां उनका परिवार करीब 200 साल से रह रहा है।
विधायक ने यह भी कहा कि उनके पास जमीन से जुड़े सभी मालिकाना दस्तावेज मौजूद हैं और उनकी संपत्ति का एक इंच भी अवैध नहीं है। उन्होंने साफ किया कि इस कार्रवाई को वे अदालत में चुनौती देंगे और जल्द ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
AAP सरकार पर गंभीर आरोप
कार्रवाई से पहले खैरा ने अपने समर्थकों को मौके पर बुलाया और राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे पंजाब में “बुलडोजर राजनीति” की शुरुआत बताया। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने यह कदम Arvind Kejriwal के निर्देश पर उठाया है, ताकि सरकार की आलोचना करने वाली आवाजों को दबाया जा सके।
खैरा ने कहा कि अगर सरकार को कोई आपत्ति थी तो पहले कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष को डराने-धमकाने की कोशिश खतरनाक संकेत है।
कांग्रेस का संयुक्त विरोध
इस मुद्दे पर पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश अध्यक्ष Amarinder Singh Raja Warring, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Partap Singh Bajwa, एआईसीसी महासचिव Sukhjinder Singh Randhawa और पूर्व मंत्री Pargat Singh ने संयुक्त बयान जारी कर इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है और अधिकारियों को “गैरकानूनी आदेशों” से बचने की चेतावनी दी। उन्होंने यह भी कहा कि हर कार्रवाई दर्ज हो रही है और भविष्य में इसकी जवाबदेही तय होगी।
अन्य दलों की भी प्रतिक्रिया
मामला सिर्फ कांग्रेस तक सीमित नहीं रहा। बीजेपी नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री Manjinder Singh Sirsa ने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए किया जा रहा है।
वहीं शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता Bikram Singh Majithia ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले ही सवालों के घेरे में है और अब विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है।
प्रशासन की चुप्पी
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव को नियमित कार्रवाई बताया जा रहा है।
कुल मिलाकर, रामगढ़ गांव की यह कार्रवाई अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर बड़ा मुद्दा बनती दिख रही है। आने वाले दिनों में यह मामला अदालत और विधानसभा दोनों जगह गूंज सकता है।
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