Bihar Next CM: चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने बिहार की राजनीति में ‘जन सुराज’ (Jan Suraj) के जरिए बुनियादी मुद्दों की नई बहस तो छेड़ी, लेकिन चुनावी नतीजों ने उनकी इस ‘नई राजनीति’ की सीमाओं को भी उजागर कर दिया है। पीके ने शिक्षा और रोजगार जैसे ठोस मुद्दे उठाए, जिन्हें जनता ने सुना भी, पर मतदान के समय बिहार की जनता ने फिर से उन्हीं चेहरों पर भरोसा जताया जिनकी जमीनी पकड़ और सांगठनिक ढांचा पुराना और मजबूत है। इसी बीच, नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के सीएम पद छोड़ने की अटकलों के साथ ही प्रशांत किशोर ने बिहार के अगले सीएम फेस को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है।
विपक्ष का हमला
बिहार (Bihar) की राजनीति में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने आज 30 मार्च 2026 को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिससे उनके राज्यसभा जाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। संवैधानिक नियमों के अनुसार, अब उन्हें मुख्यमंत्री (CM) पद छोड़ना होगा। इस खबर ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है और हर तरफ बस एक ही सवाल है नीतीश के बाद बिहार की कमान किसके हाथ में होगी? इसी बीच विपक्षी दलों ने नीतीश कुमार के गिरते स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष इसे एक बड़ा मुद्दा बनाते हुए दावा कर रहा है कि मुख्यमंत्री शारीरिक और मानसिक रूप से थक चुके हैं, और यही उनके पद छोड़ने की असली वजह है। इन आरोपों ने राज्य के सियासी गलियारों में बेचैनी बढ़ा दी है।
प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने पूरे घटनाक्रम पर एएनआई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की सेहत और नीयत दोनों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार की तबीयत पहले से ही खराब थी, लेकिन इसे जनता से छिपाकर उन्हें गुमराह किया गया। किशोर के अनुसार, ‘नीतीश कुमार, उनकी पार्टी (JDU) और भाजपा ने मिलकर बिहार की जनता के साथ विश्वासघात किया है।’ उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के दौरान जो 1 करोड़ नौकरियों के वादे किए गए थे, वे अब महज एक छलावा साबित हो रहे हैं।
‘अब वादा कौन पूरा करेगा?’
प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि चुनाव के समय जनता से किए गए वादों का अब क्या होगा? उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार (Nitish Kumar) बीच रास्ते में पद छोड़ रहे हैं, तो उन्हें और भाजपा को जवाब देना चाहिए कि 1 करोड़ नौकरियों का जो वादा किया गया था, उसे अब कौन निभाएगा? क्या यह सिर्फ सत्ता हथियाने का एक चुनावी जुमला था?
Bihar का अगला CM?
अगले मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर छिड़ी बहस के बीच प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि आदर्श रूप में ‘CM मटेरियल’ उसे होना चाहिए जिसे बिहार की जनता का जनादेश प्राप्त हो। लेकिन मौजूदा सियासी हालातों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अब बिहार की किस्मत का फैसला पटना में नहीं, बल्कि दिल्ली में होगा। उनके मुताबिक, ‘बिहार का अगला मुख्यमंत्री (Bihar Next CM) वही बनेगा जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की पसंद का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
आगे क्या?
इन बयानों के बाद साफ है कि बिहार की राजनीति आने वाले दिनों में और गरमाने वाली है। सीएम (CM) पद नेतृत्व और वादों को लेकर अब नई बहस शुरू हो गई है, जिसका असर आने वाले चुनावों में भी देखने को मिल सकता है। बिहार (Bihar) में सिर्फ नेतृत्व बदलने की चर्चा नहीं है, बल्कि यह मुद्दा अब जनता के भरोसे और चुनावी वादों तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जाते हैं।




























