Asha Bhosle Death News: भारतीय संगीत जगत के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर गायिका आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। करीब सात दशकों तक अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाली इस दिग्गज कलाकार ने रविवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके जाने से फिल्म और संगीत इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।
और पढ़ें: Smriti Mandhana Palash Muchhal के रिश्ते पर फिर जगी उम्मीद वीडियो में साथ दिखे परिवार के लोग
अस्पताल में चल रहा था इलाज, फैंस कर रहे थे दुआ | Asha Bhosle Death News
शनिवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई थी, जिसके बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज यूनिट में उनका इलाज चल रहा था। डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर रखे हुए थे।
दुनियाभर में फैले उनके चाहने वाले उनके जल्द ठीक होने की दुआ कर रहे थे। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और रविवार को उनका निधन हो गया। इस दुखद खबर की पुष्टि उनके बेटे आनंद भोसले ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में की।
सीने में संक्रमण और थकावट बनी वजह
परिवार की ओर से उनकी सेहत को लेकर जानकारी भी साझा की गई थी। उनकी पोती जनाई भोसले ने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया था कि आशा भोसले को अत्यधिक थकावट और सीने में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने लोगों से परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील भी की थी।
जैसे ही उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर फैली, अस्पताल के बाहर फैंस की भीड़ लगने लगी। उनके घर के बाहर भी लोग इकट्ठा हो गए थे। हर किसी को उम्मीद थी कि वह जल्द स्वस्थ होकर लौटेंगी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
सोमवार को होगा अंतिम संस्कार
आशा भोसले का अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा। उनका पार्थिव शरीर सुबह 11 बजे लोअर परेल स्थित उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, ताकि फैंस और इंडस्ट्री से जुड़े लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें।
इसके बाद शाम 4 बजे दादर के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार होगा। यह वही जगह है, जहां उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर का भी अंतिम संस्कार किया गया था।
संगीत से जुड़ा रहा पूरा जीवन
आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को एक संगीत परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक जाने-माने शास्त्रीय गायक और अभिनेता थे। बचपन से ही घर में संगीत का माहौल था, लेकिन जब वह सिर्फ नौ साल की थीं, तब उनके पिता का निधन हो गया।
इसके बाद परिवार को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा और वे पुणे से कोल्हापुर और फिर मुंबई आकर बस गए। बड़ी बहन लता मंगेशकर के नक्शेकदम पर चलते हुए आशा भोसले ने भी संगीत की दुनिया में कदम रखा।
मराठी फिल्म से शुरू हुआ सफर, बॉलीवुड में बनाई पहचान
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ (1943) से की, जिसमें उन्होंने ‘चला चला नाव वाला’ गीत गाया। इसके बाद हिंदी सिनेमा में ‘चुनरिया’ (1948) फिल्म के लिए ‘सावन आया’ गाना गाया। यहीं से उनका सफर शुरू हुआ, जो पांच दशकों से भी ज्यादा समय तक चला। अपने लंबे करियर में उन्होंने हजारों गाने गाए और हर तरह के संगीत में खुद को साबित किया। उनकी आवाज हर पीढ़ी को जोड़ने वाली रही।




























