Arvind Kejriwal Bail: दिल्ली के चर्चित शराब घोटाले में तीन साल से चल रही कानूनी और सियासी जंग का अहम पड़ाव शुक्रवार को आया। राउज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो की चार्जशीट को बेहद कमजोर बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख Arvind Kejriwal को बरी कर दिया। उनके साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर की बेटी K. Kavitha को भी दोषमुक्त कर दिया गया। इस मामले में कुल 23 आरोपी बरी हुए हैं, लेकिन राजनीतिक रूप से इसे सबसे बड़ी राहत केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए माना जा रहा है।
कोर्ट की सख्त टिप्पणियां | Arvind Kejriwal Bail
स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने अपने फैसले में जांच एजेंसियों की थ्योरी पर तीखे सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि उसने इतनी कमजोर चार्जशीट पहले नहीं देखी। जज ने टिप्पणी की कि “हम फाइल से सवाल पूछते हैं, लेकिन इस चार्जशीट में हमारे सवालों के जवाब नहीं मिले।”
- पुख्ता सबूतों की कमी
कोर्ट ने कहा कि सीबीआई यह साबित नहीं कर पाई कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन की अनदेखी की। ईमेल के जरिए भेजे गए समन की वैधता पर भी सवाल उठाए गए। अदालत ने यह भी कहा कि कई आरोपियों के नाम बिना पर्याप्त सबूत के जोड़े गए।
- मनी ट्रेल अधूरी
अदालत के मुताबिक शराब कारोबारियों से नेताओं तक पैसे पहुंचने की जो कहानी पेश की गई, वह ठोस कड़ी में नहीं बदल सकी। पैसों के लेनदेन की सीधी और स्पष्ट श्रृंखला साबित नहीं हो पाई।
- संदेह का लाभ
कोर्ट ने साफ कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को “संदेह से परे” साबित नहीं कर सका। ऐसे में कानून के मुताबिक आरोपियों को दोषमुक्त किया जाना चाहिए।
क्या थे आरोप?
जांच एजेंसियों ने केजरीवाल को इस कथित घोटाले का ‘किंगपिन’ बताया था। आरोप था कि नई आबकारी नीति में बदलाव कर शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाया गया।
- नीति में बदलाव कर 12% मुनाफा सुनिश्चित करने का आरोप।
- ‘साउथ ग्रुप’ से 100 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेने का दावा।
- प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया कि इनमें से 45 करोड़ रुपये गोवा चुनाव में इस्तेमाल हुए।
उप-राज्यपाल को सौंपी गई एक रिपोर्ट में करीब 580 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात भी कही गई थी।
जेल का लंबा दौर
इस मामले ने आम आदमी पार्टी को उस समय झकझोर दिया जब उसके शीर्ष नेता एक-एक कर जेल गए।
- मनीष सिसोदिया फरवरी 2023 में गिरफ्तार हुए और करीब 17 महीने जेल में रहे।
- राज्यसभा सांसद संजय सिंह करीब 6 महीने जेल में रहे।
- अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया। उन्हें लोकसभा चुनाव के दौरान अंतरिम जमानत मिली, लेकिन कुल मिलाकर उन्होंने लगभग 5-6 महीने जेल में बिताए। इस दौरान वे जेल से ही सरकार चलाते रहे।
जमानत की लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
शुरुआत में दिल्ली हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी को उचित माना था। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता। अदालत ने “जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार” को सर्वोपरि बताया और ED की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
सियासत में घमासान
इस पूरे मामले ने विपक्ष को हमला करने का बड़ा मौका दिया। भाजपा ने केजरीवाल को “भ्रष्टाचार का पोस्टर बॉय” कहा, जबकि कांग्रेस ने भी शुरुआत में शिकायत दर्ज कराई थी। राहुल गांधी ने उन्हें इस नीति का “आर्किटेक्ट” बताया था।
2024 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीटों पर AAP-कांग्रेस गठबंधन हार गया। पार्टी की “कट्टर ईमानदार” छवि को बड़ा झटका लगा। नैतिक दबाव के चलते केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा और आतिशी को जिम्मेदारी सौंपी गई। विधानसभा चुनाव में भी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा और केजरीवाल व सिसोदिया दोनों चुनाव हार गए।
आगे की राह
निचली अदालत से राहत मिलने के बाद भी मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सीबीआई ने संकेत दिया है कि वह हाईकोर्ट में अपील कर सकती है। लेकिन फिलहाल केजरीवाल के लिए यह बड़ा राजनीतिक मौका है।
दिल्ली चुनाव हारने के बाद वे पंजाब की राजनीति तक सीमित हो गए थे। अब अदालत के फैसले के बाद उनके पास दिल्ली और अन्य राज्यों में दोबारा सक्रिय होने का अवसर है।
