अखिलेश यादव ने मुरैना के आकाश गुर्जर के परिवार को दी 5 लाख रुपये की सहायता, फेक एनकाउंटर पर उठाए सवाल

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 11 Jul 2024, 12:00 AM | Updated: 11 Jul 2024, 12:00 AM

आगरा में फर्जी मुठभेड़ में मारे गए मध्य प्रदेश के मुरैना निवासी आकाश गुर्जर का मामला एक बार फिर गरमा गया है। दरअसल, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें अखिलेश यादव ने यूपी पुलिस पर आगरा में आकाश गुर्जर का फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे आकाश को पुलिस ने रेत तस्कर बताकर गोली मार दी। आइए आपको इस मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं।

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क्या है मामला?

मध्य प्रदेश के मुरैना के 21 वर्षीय आकाश गुर्जर को 2022 में खनन तस्कर के रूप में पहचाने जाने के बाद आगरा पुलिस ने गोली मार दी थी। आकाश गुर्जर को तीन गोलियां मारी गईं। अस्पताल में जिंदगी और मौत से 48 दिन तक जूझने के बाद आकाश की मौत हो गई। आकाश के परिवार ने इस मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है।

कोर्ट ने माना फर्जी एनकाउंटर

करीब 6 महीने तक कोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद आगरा जिला न्यायालय ने एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। आगरा जिला न्यायालय ने माना कि एनकाउंटर फर्जी था और साथ ही कहा कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले की कॉपी के अनुसार आकाश 26 सितंबर 2022 को घर से यह कहकर निकला था कि वह आगरा में सेंट्रल ऑर्डनेंस डिपो में काम करने वाले अपने भाई विष्णु के पास जा रहा है और आगरा में अग्निवीर की भर्ती के बारे में जानकारी लेगा। 27 सितंबर 2022 को दोपहर में आकाश के पिता लाल सिंह को सूचना मिली कि उनके बेटे को आगरा पुलिस ने मुठभेड़ में गोली मार दी है और उसका आगरा में इलाज चल रहा है। लाल सिंह और ममता बाई के बेटे की 13 नवंबर 2022 को केजीएमसी लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई।

पीड़ित परिवार को अखिलेश यादव ने दी थी 5 लाख रुपए की मदद

सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे पोस्ट में देखा जा सकता है कि अप्रैल में अखिलेश यादव ने आकाश गुर्जर के परिवार को हर संभव मदद का वादा किया था और पार्टी की तरफ से 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपए का मुआवजा और एक नौकरी की भी मांग की थी।

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