महाराष्ट्र के पुणे जिले में आज एक बड़ा हादसा टल गया, जब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल (Chhagan Bhujbal) के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग निर्धारित हेलीपैड के बजाय एक कार पार्किंग में हो गई। पुरंदर के खानवडी गांव में हुई इस गंभीर चूक के बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। गनीमत रही कि मंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन प्रशासन ने इसे बड़ी सुरक्षा चूक माना है। इस घटना ने एक बार फिर वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल की खामियों को उजागर कर दिया है, खासकर जनवरी में अजित पवार की विमान दुर्घटना के बाद से सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।
कहां जा रहे थे छगन भुजबल
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल (Chhagan Bhujbal) पुणे जिले के पुरंदर तालुका स्थित खानवडी गांव जा रहे थे। वह वहां महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर उनके पैतृक गांव में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान लैंडिंग के समय हुई चूक के कारण उनका हेलीकॉप्टर निर्धारित हेलीपैड के बजाय पास के कार पार्किंग क्षेत्र में उतर गया। राहत की बात यह रही कि मंत्री सुरक्षित थे और उन्होंने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के बाद वह उसी हेलीकॉप्टर से वापस पुणे के लिए रवाना हो गए।
महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल का हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार होते बचा, महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस ने जांच का आदेश दिया है। अभी ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि पायलट ने ऐसा क्यों किया? NCP नेता छगन भुजबल महात्मा फुले जयंती कार्यक्रम में शामिल होने खानवाड़ी पहुंचे थे…#NCP… pic.twitter.com/I17FHVVYWn
— Nedrick News (@nedricknews) April 11, 2026
सीएम ने दिए जांच के आदेश
इस घटना पर महाराष्ट्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे एक गंभीर सुरक्षा चूक (Security Lapse) माना है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में तत्काल उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सरकार का कहना है कि वीवीआईपी लैंडिंग के लिए निर्धारित हेलीपैड और सुरक्षा प्रोटोकॉल होने के बावजूद, कार पार्किंग में हेलीकॉप्टर उतारना पायलट की एक बड़ी लापरवाही है। प्रशासन अब इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को भेजने की तैयारी कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और जिम्मेदार पक्षों पर कार्रवाई की जा सके।
वीवीआईपी सुरक्षा में चुक
पुणे के खानवडी में महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल (Chhagan Bhujbal) के हेलीकॉप्टर की कार पार्किंग में हुई लैंडिंग को प्रशासन ने एक ‘गंभीर वीवीआईपी सुरक्षा चूक’ माना है। निर्धारित हेलीपैड को छोड़कर भीड़भाड़ वाले पार्किंग क्षेत्र में उतरना न केवल मंत्री बल्कि वहां मौजूद आम नागरिकों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता था। विशेष रूप से जनवरी 2026 में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु के बाद, वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर सरकार और DGCA अत्यंत सख्त हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा मानकों और लैंडिंग नियमों की अनदेखी किस स्तर पर हुई।
जनवरी में अजित पवार का प्लेन हुआ था क्रेश
28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) की एक दुखद विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। यह हादसा पुणे जिले के बारामती में उस समय हुआ जब खराब मौसम और घने कोहरे के बीच उनका निजी विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण विमान रनवे से भटक गया और पास के खेतों में क्रैश होकर आग की लपटों में घिर गया। इस भीषण दुर्घटना में अजित पवार के साथ-साथ उनके सुरक्षा अधिकारी, एक सहायक और दोनों पायलटों सहित कुल 5 लोगों की जान चली गई थी। इसी त्रासदी के कारण आज छगन भुजबल (Chhagan Bhujbal) के हेलीकॉप्टर की गलत लैंडिंग को प्रशासन अत्यंत गंभीरता से ले रहा है।





























