Trending

'खून की खेती…' कांग्रेस पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का करारा प्रहार, जानिए क्या क्या कहा?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 05 Feb 2021, 12:00 AM | Updated: 05 Feb 2021, 12:00 AM

राज्यसभा का बजट सत्र जारी है। संसद में इस बार किसान आंदोलन का मुद्दा ही सबसे ज्यादा चर्चाओं का विषय बना हुआ है। विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे को लेकर सरकार को लगातार घेर रही हैं। शुक्रवार को भी तमाम विपक्षी पार्टियों ने किसानों के मुद्दे को लेकर केंद्र पर जमकर हमला बोला। इस दौरान कांग्रेस नेता ने तो राज्यसभा में बोलते हुए कृषि कानून पर बोलते हुए उसे ‘डेथ वॉरेंट’ भी कह दिया।

कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाबी में बोलते हुए कहा कि जब सदन में कानून को लेकर इस सदन में चर्चा हो रही थी, तब ही मैनें ये कहा दिया था कि ये किसानों के लिए डेथ वॉरेंट होगा, लेकिन सरकार ने बात नहीं मानी।

विपक्ष पर बरसे कृषि मंत्री

वहीं इस मुद्दे को लेकर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी अपना पक्ष शुक्रवार को राज्यसभा में रखा। इस दौरान वो विपक्ष पर जबरदस्त पलटवार भी करते नजर आए। कृषि मंत्री ने विपक्ष पर भड़कते हुए कहा कि खेती पानी से होती है, लेकिन केवल कांग्रेस ही खून की खेती कर सकती है।

कानून में ‘काला’ क्या है?

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विपक्षी पार्टियां सरकार को किसान आंदोलन पर घेर रही हैं और तीनों कानून को वो काला कानून बता रही हैं। लेकिन इन कानून में आखिर ‘काला’ है क्या? ये कोई बताएगा। कृषि मंत्री ने कहा कि मुझे बताएं कानून में ‘काला’ क्या है? मैं उसे ठीक करने की कोशिश करूंगा। सबकी बातों को मैनें सुना, लेकिन कानून के प्रावधान किसानों के प्रतिकूल कैसे हैं? इसके बारे में किसी ने भी बताने की कोशिश नहीं की।

कृषि मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र सरकार के एक्ट से टैक्स खत्म होता है, जबकि राज्य सरकार का एक्स टैक्स देने पर बाध्या करता। जो टैक्स ले रहा और बढ़ा रहा है उसके खिलाफ आंदोलन होना चाहिए या फिर टैक्स फ्री करने वाले के खिलाफ? देश में अब उल्टी गंगा बह रही है।’

नरेंद्र सिंह तोमर आगे बोले कि भारत सरकार किसानों के लिए पूरी तरह से समर्पित है। आंदोलन के लिए हम लगातार किसानों को सम्मान देने की कोशिश कर रहे। किसानों के साथ 12 बार ससम्मान बातचीत की। हमने एक शब्द भी इधर-उधर नहीं बोला। संवेदनशीलता के साथ विचार किया। हमने बार बार पूछा कि कानून में किसान क्या बदलाव चाहते हैं, उसके बारे में हमें बताएं। लेकिन अगर हम कानून में बदलाव करते हैं तो इसका मतलब ये नहीं कि कृषि कानून गलत है।

‘एक राज्य के किसानों को बरगलाया-डराया गया’

कृषि मंत्री ने कहा कि सिर्फ एक राज्य के किसानों को बरगलाया और डराया जा रहा है। खेती पानी से होती है, लेकिन सिर्फ कांग्रेस ही खून से खेती कर सकती है। उन्होनें कहा कि बीजेपी खून से खेती नहीं कर सकती। कृषि मंत्री के इस बयान को लेकर राज्यसभा में हंगामा शुरू हो गया।

गौरतलब है कि किसानों का मुद्दा लगातार चर्चाओं में हैं। 2 महीने से भी ज्यादा समय से किसानों का आंदोलन नए कृषि कानून के विरोध में जारी है। किसानों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन विवाद अब तक सुलझ नहीं पाया। विपक्षी पार्टियां सड़क से लेकर संसद तक इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर है। बजट सत्र के दौरान भी ये सबसे बड़ा बहस का मुद्दा बना हुआ है।

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2025- All Right Reserved. Designed and Developed by  Marketing Sheds