क्या AAP में होने वाली है बड़ी बगावत? राघव ने दिए संकेत! जानें क्या है असली प्लान? | Raghav Chadha Gen-Z Party

Rajni | Nedrick News Delhi Published: 09 Apr 2026, 06:56 AM | Updated: 09 Apr 2026, 06:56 AM

Raghav Chadha Gen-Z Party: आम आदमी पार्टी (AAP) और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच की जुबानी जंग अब खुलकर सामने आ गई है। पिछले कुछ दिनों से जारी तीखी बहस और एक-दूसरे पर आरोपों की बौछार ने पार्टी के भीतर मची कलह को जगजाहिर कर दिया है। इसी सियासी घमासान के बीच, राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर बड़े उलटफेर के संकेत दिए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं।

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क्या है पूरा मामला

आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और उनकी पार्टी के बीच चल रही अनबन अब खुलकर सामने आने लगी है। जैसे-जैसे यह विवाद बढ़ रहा है, दिल्ली और पंजाब की राजनीति भी गर्म होती जा रही है। ऐसे में सबकी नजर अब राघव चड्ढा के अगले कदम पर टिकी हुई है।

इसी बीच राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा इशारा किया है, जिससे सियासत में नई पार्टी या बड़े उलटफेर की चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक रील शेयर की, जिसमें ‘जेन-जी पार्टी’ के विचार को दिलचस्प बताया गया, जिसने अटकलों को और हवा दे दी।

सोशल मीडिया पोस्ट से मिले संकेत

राघव चड्ढा ने एक कंटेंट क्रिएटर की रील शेयर की, जिसमें उन्हें सलाह दी गई थी कि अब उन्हें अपनी खुद की नई पॉलिटिकल पार्टी बना लेनी चाहिए। इस रील को शेयर करते हुए चड्ढा ने सिर्फ इतना लिखा – Interesting Thought यानी “दिलचस्प विचार है। बस, इसी एक लाइन ने राजनीति में हलचल मचा दी। लोग अब यह कयास लगा रहे हैं कि क्या सच में राघव चड्ढा नई पार्टी बनाने की सोच रहे हैं?

‘Gen-Z पार्टी’ का सुझाव

दरअसल ‘सीधा ठोक’ (seedhathok) नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने अपनी रील में राघव को यह मशविरा दिया था। अगर राघव चड्ढा नई पार्टी बनाते हैं तो उसका नाम ‘Gen-Z पार्टी’ रखा जा सकता है। रील में कहा गया कि अगर वह किसी दूसरी पार्टी में जाते हैं, तो उन्हें उतना समर्थन नहीं मिलेगा जितना अभी मिल रहा है। इसके उलट अगर वह अपनी पार्टी बनाते हैं, तो युवाओं का बड़ा समर्थन मिल सकता है और वह मजबूत स्थिति में आ सकते हैं।

AAP ने क्यों लिया एक्शन?

हाल ही में आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया था। उनकी जगह अशोक कुमार मित्तल को यह जिम्मेदारी दी गई। इतना ही नहीं, पार्टी ने यह भी तय किया कि उन्हें सदन में बोलने का मौका नहीं दिया जाएगा। पार्टी का आरोप है कि राघव चड्ढा का झुकाव बीजेपी की तरफ है और वह बीजेपी के खिलाफ खुलकर नहीं बोलते।

पार्टी का कहना है कि वह बड़े मुद्दों के बजाय छोटे-छोटे मुद्दे उठाते हैं। साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने तो यहाँ तक दावा किया है कि राघव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की आलोचना करने वाले पुराने पोस्ट हटा दिए हैं, जो उनकी बदली हुई निष्ठा का संकेत हैं।

आगे क्या?

फिलहाल राघव चड्ढा ने सीधे तौर पर कुछ भी साफ नहीं किया है, लेकिन उनके सोशल मीडिया पोस्ट ने संकेत जरूर दे दिए हैं कि वह कुछ नया सोच रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह सिर्फ एक सोशल मीडिया रिएक्शन था या फिर सच में भारतीय राजनीति में एक नई पार्टी की एंट्री होने वाली है। क्या आपको लगता है कि राघव चड्ढा की नई पार्टी ‘Gen-Z’ की राजनीति में जगह बना पाएगी? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

क्या कहते है राजनीतिक विशेषज्ञ

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच का यह टकराव अब केवल एक आंतरिक मतभेद नहीं, बल्कि एक गहरी राजनीतिक और रणनीतिक दरार बन चुका है। जानकारों के अनुसार, राघव चड्ढा की ‘Gen-Z’ और आधुनिक ब्रांडिंग वाली छवि पार्टी के पुराने नेतृत्व को असहज कर रही है, जिसे पार्टी अनुशासन के नाम पर दबाने की कोशिश कर रही है।

विशेषज्ञों का यह भी तर्क है कि राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी और डिप्टी लीडर पद से हटाया जाना राघव को एक ‘विद्रोही’ (Rebel) की भूमिका में ला खड़ा करता है। हालांकि, कानूनी पेचीदगियों के कारण वह तुरंत नई पार्टी शायद न बनाएं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार उनका “Interesting Thought” वाला कमेंट यह साफ करता है कि वह भविष्य के लिए अपना एक स्वतंत्र और मजबूत ‘युवा वोट बैंक’ तैयार कर रहे हैं।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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