Jalandhar news: देश में क्या हो रहा है। कभी हमारी राजधानी दिल्ली (Delhi) से रहस्मई तरीके से लोगों के गायब होने की खबर सामने आती है तो कभी UP (Uttar Pradesh) से लव जिहाद की, अब तो दिन दहाड़े पंजाब (Punjab) के जालंधर (Jalandhar) से कत्ल की खबर सामने आई है और जिसकी हत्या की गई वो कोई आम नागरिक नहीं बल्कि आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) (AAP) के नेता लक्की ओबेरॉय (Lucky Oberoi) है, जिन्होंने हाल ही में पार्षद का चुनाव (Councilor Election) भी लड़ा था।
इससे तो ये सवाल उठता है कि क्या ये ही है पंजाब प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था, जब पंजाब में नेता लोग ही सुरक्षित नहीं है तो आम नागरिक की बात हम क्या ही करें। जैसा कि हमने आपको बताया कि वह आम नागरिक नहीं थे वह एक बड़े नेता थे, ऐसा भी हो सकता है उनकी किसी से आपसी रंजीश रही हो। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते है उनका राजनीतिक सफर कैसा था और क्या उनकी किसी से कोई रंजिश थी।
जानें क्या है पूरा मामला
आपको बता दें कि पंजाब (Punjab) के जालंधर (Jalandhar) में शुक्रवार सुबह एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। आम आदमी पार्टी (AAP) के स्थानीय नेता लक्की ओबेरॉय (Lucky Oberoi) की गुरुद्वारा साहिब के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। सुबह-सुबह गोलियों की आवाज से मॉडल टाउन इलाका दहशत में आ गया।
तमाम मीडिया रिपोर्टस में बताया जा रहा है कि लक्की ओबेरॉय गुरुद्वारा साहिब (Gurdwara Sahib) में माथा टेककर अपनी थार गाड़ी में वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी को निशाना बनाकर करीब 8 से 10 राउंड फायरिंग की। कई गोलियां उनके सीने और सिर में लगीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
पुलिस के मुताबिक वारदात सुबह करीब 8:15 बजे की है। हमलावर बाइक पर आए थे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और कई एंगल से जांच शुरू कर दी गई है। लक्की ओबेरॉय (Lucky Oberoi) स्थानीय स्तर पर काफी सक्रिय नेता माने जाते थे। वे पहले पार्षद का चुनाव भी लड़ चुके थे। इलाके में उनकी पहचान एक प्रभावशाली व्यक्ति के तौर पर थी।
दो दिन में दो AAP नेताओं की हत्या
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक इस घटना से एक दिन पहले तरनतारन के गांव चीमा खुर्द में AAP के सरपंच गुरभेज सिंह (Sarpanch Gurbhej Singh) की भी तेजधार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। उस मामले में पुलिस ने पूर्व सरपंच शरनजीत सिंह (Sharanjit Singh) और उसके साथियों पर केस दर्ज किया है। लगातार दो दिनों में दो AAP नेताओं की हत्या ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
वहीं लक्की ओबेरॉय (Lucky Oberoi) की हत्या के बाद विपक्षी दलों ने पंजाब सरकार 9 Punjab Government) पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस (Congress) नेता प्रताप सिंह बाजवा (Partap Singh Bajwa) ने कहा कि अगर सत्ताधारी पार्टी के नेता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या भरोसा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने भी कहा कि पंजाब में दिनदहाड़े हत्याएं अब आम बात हो गई हैं और सरकार हालात संभालने में नाकाम रही है।
कौन थे लक्की ओबेरॉय?
बता दें कि लक्की ओबेरॉय (Lucky Oberoi) जालंधर (Jalandhar) के गुरु तेग बहादुर नगर (Guru Teg Bahadur Nagar) के रहने वाले थे। वे पेशे से फाइनेंसर और प्रॉपर्टी डीलर थे। व्यवसाय में अच्छी पकड़ बनाने के बाद उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की। वे जालंधर में AAP के एक सक्रिय और उभरते हुए नेता माने जाते थे। उनकी पत्नी सिमरजोत कौर (Simarjot Kaur) ने 2025 में जालंधर नगर निगम चुनाव ( Jalandhar municipal elections) AAP के टिकट पर लड़ा था, जिससे परिवार की राजनीतिक सक्रियता भी साफ दिखती है।
उन्हें जालंधर कैंट (Jalandhar Cantt) क्षेत्र की पार्टी प्रभारी राजविंदर कौर (Incharge Rajwinder Kaur) थियाड़ा का करीबी और भरोसेमंद माना जाता था। वे पार्टी के कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे।
किससे थी रंजिश? पुलिस कई एंगल से कर रही जांच
फिलहाल पुलिस इस मामले को टारगेट किलिंग मानकर जांच कर रही है। अभी तक किसी आरोपी का नाम आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है, लेकिन जांच इन बिंदुओं पर केंद्रित है। जैसे कोई पुरानी आपसी रंजिश या दुश्मनी, प्रॉपर्टी या पैसों के लेन-देन से जुड़ा कोई विवाद या सियासत बनी जान गवाने की वजह। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। इस वारदात ने एक बार फिर पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। लोगों में डर का माहौल है और हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर दिनदहाड़े इस तरह की घटनाएं कब रुकेंगी।
