Trending

कुछ ऐसे थे शास्त्री जी: जानिए पूर्व प्रधानमंत्री के सादगी से भरे कुछ किस्सों के बारे में…

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 11 Jan 2022, 12:00 AM | Updated: 11 Jan 2022, 12:00 AM

देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की आज पुण्यतिथि है। आज ही के दिन 1966 में शास्त्री जी का ताशकंद में निधन हुआ था। उनकी मौत आज भी एक बहुत बड़ा रहस्य बनी हुई, जिस पर से अब तक पर्दा नहीं उठ पाया। आज भी इसको लेकर बहस होती रहती है। शास्त्री जी एक ऐसे शख्स थे, जिनको उनकी सादगी और विनम्रता के लिए पक्ष ही नहीं विपक्ष के लोग भी पसंद करते। वो देश के सबसे विन्रम प्रधानमंत्रियों में से एक रहे। आज पुण्यतिथि के मौके पर उनकी सादगी से जुड़े कुछ किस्सों के बारे में हम आपको बताते हैं…

– लाल बहादुर शास्त्री के बेटे सुनील शास्त्री ने एक किताब लिखी, ‘लाल बहादुर शास्त्री, मेरे बाबूजी’ में नाम से। इसमें उन्होंने पूर्व पीएम से जुड़े कई किस्से शेयर किए। किताब में उन्होंने बताया कि कैसे शास्त्री जी प्रधानमंत्री बनने के बाद भी सरकारी खर्चे पर मिली कार का इस्तेमाल नहीं करते थे। एक बार जब बेटे ने ड्राइव पर जाने के लिए पिता के दफ्तर की गाड़ी का इस्तेमाल कर लिया था। तो अगले ही दिन शास्त्री जी ने  किलोमीटर का हिसाब कर पैसा सरकारी खाते में जमा करवाया।

– एक बार की बात है, जब शास्त्री जी अपनी पत्नी और परिवार की महिलाओं के साथ साड़ी खरीदने एक मिल गए थे। वो तब प्रधानमंत्री थी। इस दौरान मिल मालिक ने उनको कुछ महंगी साड़ी दिखा, तो उन्होंने कहा कि इन्हें खरीदने के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं। फिर जब मिल मालिक ने उन्हें साड़ी गिफ्ट करने की बात कही तो शास्त्री जी ने इससे साफ तौर पर इनकार कर दिया। 

– शास्त्री जी बहुत ही कम साधनों में अपना जीवन जीते थे। वो अपनी पत्नी को फटे हुए कुर्ते दिया करते थे। इन पुराने कुर्तों से उनकी पत्नी रूमाल बनाकर इस्तेमाल करती थीं। 

– 1965 में भारत-पाकिस्तान के बीच जब युद्ध हो रहा था, तो देश में खाद्य संकट गंभीर स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान शास्त्री जी ने लोगों से एक वक्त का खाना छोड़ने की अपील की। 

– जब लाल बहादुर शास्त्री देश के गृह मंत्री थे, तो उन्हें कलकत्ता से दिल्ली के लिए फ्लाइट पकड़नी थी। फ्लाइट शाम के वक्त की थी और इस दौरान सड़क जाम होने के चलते शास्त्री समय से एयरपोर्ट नहीं पहुंच सकते थे। तब पुलिस कमिश्नर ने फैसला किया कि वो शास्त्री की गाड़ी की बजाय साइरन वाली गाड़ी भेजेंगे, जिससे आसानी से सड़कें क्लियर हो जाएं। लेकिन शास्त्री जी ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और कहा कि इससे कलकत्ता के लोगों को लगेगा कि कोई विशिष्ट व्यक्ति सड़क पर निकला है।

– बताया जाता है कि जब 1966 में लाल बहादुर शास्त्री का निधन हुआ, तब उस दौरान उनके नाम पर कोई घर या जमीन नहीं थी। उनके निधन के बाद एक लोन था जो उन्होंने पीएम बनने के बाद गाड़ी खरीदने के वास्ते सरकार से लिया था। ये लोन बाद में उनकी पत्नी ललिता शास्त्री ने फैमिली पेंशन से चुकाया। 

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds