Mahoba News: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। श्रीनगर थाना क्षेत्र के ज्योरैया गांव में जहां कुछ दिन पहले तक शादी की तैयारियों की हलचल थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। एक मजबूर पिता ने अपनी बेटी की शादी से महज 11 दिन पहले खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मृतक किसान की पहचान 50 वर्षीय कृष्णपाल सिंह बुंदेला के रूप में हुई है। उनकी 19 साल की बेटी तनीशा की शादी 24 फरवरी को तय थी। रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों को कार्ड भी बांटे जा चुके थे। घर में शादी की बातें हो रही थीं, लेकिन इन खुशियों के बीच कृष्णपाल के मन में एक गहरी चिंता घर कर गई थी बेटी की शादी का खर्च आखिर कैसे पूरा होगा?
दो बीघा जमीन और बढ़ता कर्ज (Mahoba News)
परिवार की आर्थिक हालत पहले से ही कमजोर थी। कृष्णपाल के पास सिर्फ दो बीघा जमीन थी, जिससे परिवार का गुजारा चलता था। पिछले सीजन की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। इस बार उन्होंने कुछ खेत बटाई पर लेकर चने की फसल बोई थी, लेकिन वह भी खराब होने लगी। खेती से उम्मीद टूटती जा रही थी।
इसके साथ ही साहूकारों का पुराना कर्ज सिर पर था। दो साल पहले बड़ी बेटी सालनी की शादी भी उन्होंने कर्ज लेकर की थी। उस समय जैसे-तैसे इंतजाम हो गया था, लेकिन इस बार हालात और भी मुश्किल थे। घर में दूसरी बेटी की शादी सामने थी और जेब लगभग खाली।
कृष्णपाल सिंह बुंदेला मर गए, क्या फर्क पड़ता है!
महोबा में कृष्णपाल सिंह बुंदेला ने बिटिया तनिशा राजे का विवाह 24 फरवरी को होना तय किया था। बिटिया के विवाह को लेकर कृष्णपाल फिक्रमंद थे। फ़िक्रमंद इसलिए क्योंकि कृष्णपाल की माली हालत ठीक नहीं थी। बरसात की फसल बारिश ने खराब कर दी… pic.twitter.com/q2Sqr1NO5Y
— Shahnawaz (News 24) (@Shahnawazreport) February 13, 2026
मृतक के बड़े भाई इंद्रपाल सिंह ने बताया कि कृष्णपाल कई दिनों से बेहद तनाव में थे। उन्हें यह डर सता रहा था कि अगर शादी ठीक से न हो पाई तो समाज में क्या जवाब देंगे। कर्ज चुकाने का दबाव और शादी की तैयारियों का बोझ उन्हें अंदर ही अंदर तोड़ रहा था।
खेत में मिला शव, परिवार में कोहराम
बताया जा रहा है कि इसी मानसिक दबाव में आकर कृष्णपाल अपने खेत पर गए और वहां एक पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। जब देर तक वह घर नहीं लौटे तो परिजनों ने तलाश शुरू की। कुछ देर बाद उनका शव खेत में लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू की।
इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। जिस घर में शहनाई बजनी थी, वहां अब रोने की आवाजें गूंज रही हैं।
पांच बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
कृष्णपाल अपने पीछे तीन बेटियां और दो छोटे बेटे छोड़ गए हैं। 19 साल की तनीशा, जिसकी डोली कुछ ही दिनों में उठनी थी, अपने पिता की अर्थी देखकर बेसुध हो गई। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
अब हालात ऐसे हैं कि परिवार के सामने न सिर्फ शादी का सवाल है, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों का संकट भी खड़ा हो गया है। मृतक के भाई विक्रम सिंह बुंदेला और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार आगे आए, ताकि बेटी की शादी संपन्न हो सके और बच्चों को सहारा मिल सके।
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